पेलेट गन और प्रदर्शनकरियों पर लाठीचार्ज के खिलाफ संसद मार्ग थाने में राहुल गांधी का हल्लाबोल
नई दिल्ली: दिल्ली के जंतरमतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान 20 जुलाई को पुलिस बर्बरता और पेलेट गन चलाये जाने के मामले में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी आज दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचे। राहुल गांधी के साथ पेलेट गन से घायल हुए साहिल भी मौजूद थे।
संसद मार्ग थाने में डीसीपी ऑफिस पहुंचे राहुल गांधी ने सवाल किया कि पेलेट गन मामले में अभी तक FIR क्यों नहीं हुई। इस मामले में चल रही जांच कहां तक पहुंची है? संतोषजनक जवाब न मिलने के बाद राहुल गांधी ने एफआईआर दर्ज होने तक थाने में धरना देने का एलान किया और वे वहीं धरने पर बैठक गए।
बता दें कि 20 जुलाई को संसद तक निकाले गए मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई थी, जिसमें आंदोलनकारियों पर कथित तौर पर पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया था। यह आंदोलन शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर 20 जून को शुरू हुआ था और 25 जुलाई को समाप्त हुआ था।
राहुल गांधी का विरोध
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस की कथित ज्यादती और हिंसा की जांच के लिए पांच सदस्यीय हाई पावर्ड एन्क्वायरी कमेटी (HPEC) का गठन किया है।
इस जांच कमेटी में 5 सदस्य है। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस आर सुभाष रेड्डी इस कमेटी के अध्यक्ष है। इस जांच कमेटी में देश के चार बड़े अधिकारी और पूर्व जज शामिल है।
इनमें पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस रवि शंकर झा, दिल्ली हाईकोर्ट की पूर्व जज जस्टिस शालिंदर कौर, CBI के पूर्व डायरेक्टर ऋषि कुमार शुक्ला और मेघालय के रिटायर्ड डीजीपी एल आर बिश्नोई शामिल है। यह कमेटी पैलेट गन के इस्तेमाल और प्रदर्शनकारियों द्वारा की गई हिंसा दोनों की जांच करेगी।
FIR दर्ज न होने पर राहुल गांधी का आरोप
राहुल गांधी दिल्ली पुलिस के ज्वाइंट सीपी नुपुर प्रसाद से मिलने डीसीपी ऑफिस गए थे और उन्होंने कई शिकायतों पर कार्रवाई की मांग की। हालांकि, पुलिस की तरफ से तुरंत कोई फैसला नहीं लिया गया, जिसके बाद राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।
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जानकारी लेने के बाद राहुल थाने के बाहर धरने पर बैठ गए। उनके समर्थन में प्रियंका गांधी, अधीर रंजन चौधरी, सलमान खुर्शीद और जयराम रमेश सहित कई कांग्रेस नेता भी मौके पर पहुंच गए।

पुलिस की ओर से शिकायत ले ली गई है और यह जानकारी दी गई है कि इस मामले की जांच क्राइम ब्रांच कर रही है। साथ ही, सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस मामले की जांच के लिए हाई पावर्ड कमेटी का गठन भी किया जा चुका है, जिसके चलते कमेटी की रिपोर्ट और आदेश का इंतजार किया जा रहा है।
इस विरोध प्रदर्शन के जरिए संसद से लेकर सड़क तक राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है, जिससे इस मामले में आगे का घटनाक्रम काफी महत्वपूर्ण हो गया है।
कांग्रेस पार्टी यह जताना चाहती है कि वह छात्रों की हर समस्या के लिए सड़क पर उतरकर संघर्ष करने को पूरी तरह तैयार है। राहुल गांधी खुद इस मुद्दे को बहुत मजबूती से उठा रहे हैं, ताकि सरकार और प्रशासन पर सीधा दबाव बनाया जा सके। पार्टी इस विरोध प्रदर्शन के जरिए यह साबित करना चाहती है कि वह युवाओं के अधिकारों के लिए हर स्तर पर पीछे नहीं हटेगी।
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