राम मंदिर चोरी पर बोले राज ठाकरे: दूसरी सरकार होती तो बीजेपी आंदोलन करती
एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे ने सरकार पर निशाना साधते हुए सवाल किया है कि ‘मिसिंग लिंक’ जैसे मुद्दों पर कामकाज का विरोध करने और सवाल पूछने को मुख्यमंत्री राजनीति या महाराष्ट्र का अपमान कैसे कह सकते हैं
मुंबई: एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे ने ‘मिसिंग लिंक’ और मुंबई में जलभराव के मुद्दे पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उनकी सरकार को आड़े हाथों लिया है।
उन्होंने मुख्यमंत्री के विधानसभा में दिए गए हिंदी भाषण पर तंज कसते हुए कहा कि महाराष्ट्र की विधानसभा में हिंदी बोलने की क्या जरूरत थी, शायद फडणवीस दिल्ली में बैठे अपने शीर्ष नेताओं को कोई संदेश देना चाहते थे।
राज ठाकरे ने कहा कि सरकार के कामकाज पर सवाल उठाना राजनीति नहीं है और ‘मिसिंग लिंक’ की घटना को प्राकृतिक बताकर विपक्ष का मुंह बंद नहीं किया जा सकता।
उन्होंने बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की आलोचना करते हुए मुख्यमंत्री से कुछ समय के लिए सभी निर्माण कार्य बंद करने और विदेशी शहरों से विकास की सही योजना सीखने का आग्रह किया।
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इसके साथ ही राज ठाकरे ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर बीजेपी और आरएसएस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर ट्रस्ट के 15 में से 12 ट्रस्टी केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त हैं जो सीधे तौर पर बीजेपी और आरएसएस से जुड़े हैं।
उन्होंने सवाल उठाया कि श्रद्धालुओं की श्रद्धा के पैसे की चोरी पर बात करना धर्म का अपमान कैसे हो गया और अगर यही चोरी किसी विपक्षी दल की सरकार में हुई होती, तो बीजेपी-आरएसएस अब तक बड़े आंदोलन खड़े कर चुके होते।
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को घेरते हुए एमएनएस प्रमुख ने कहा कि पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने के फायदे गिनाने का काम पेट्रोलियम मंत्री का है, लेकिन यहाँ किसका काम कौन कर रहा है, कुछ समझ नहीं आता। इसके अलावा उन्होंने साल 2008 के रेलवे भर्ती आंदोलन को याद करते हुए मराठी युवाओं के हक की बात की।
उन्होंने सवाल उठाया कि महाराष्ट्र में होने वाली रेलवे भर्तियों की जानकारी स्थानीय अखबारों के बजाय उत्तर प्रदेश और बिहार के समाचार पत्रों में क्यों छपती है।
राज ठाकरे ने अपने कार्यकर्ताओं से रेलवे स्टेशनों, प्लेटफॉर्म स्टालों और भर्तियों पर लगातार नजर रखने का आह्वान करते हुए कहा कि मनसे के संघर्ष के कारण ही आज स्थानीय मातृभाषा में परीक्षा देने और रेलवे में मराठी युवाओं को नौकरियां मिलना संभव हो पाया है।
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