राजभर का अखिलेश पर तंज: हाथ मिलाने का भी रेट तय, सत्ता के लिए जाग रहा सनातन प्रेम
यूपी के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव की बढ़ती संपत्ति पर सवाल उठाते हुए कहा है कि राजनीति में खर्च अधिक होने के बावजूद उनकी संपत्ति का लगातार बढ़ना विचारणीय है और उन्हें इसका जवाब देना चाहिए
लखनऊ: यूपी के कैबिनेट मंत्री एवं सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने शुक्रवार को अंबेडकरनगर दौरे के दौरान समाजवादी पार्टी और उसके अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है।
राजभर ने गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि अब समाजवादी पार्टी में भी वही व्यवस्था चल रही है जो पहले बसपा में होती थी, और अखिलेश यादव से सिर्फ मिलने तथा हाथ मिलाने तक के लिए बकायदा रेट तय हैं।
उन्होंने सपा प्रमुख की संपत्ति पर भी सवाल खड़े करते हुए कहा कि राजनीति में आमतौर पर पैसा खर्च होता है जिससे संपत्ति कम होनी चाहिए, लेकिन इसके उलट अखिलेश यादव की संपत्ति दिन-दूनी, रात-चौगुनी बढ़ रही है, जिसका जवाब उन्हें देना चाहिए।
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सपा प्रमुख के हालिया ‘सनातन’ प्रेम पर निशाना साधते हुए राजभर ने कहा कि जो नेता पहले केवल तुष्टीकरण की राजनीति करते थे, वे अब अपनी राजनीतिक जमीन खिसकती देख सिर्फ चुनावी लाभ के लिए सनातन की बात करने लगे हैं।
उन्होंने अखिलेश यादव को “नकली समाजवादी” करार दिया और कहा कि असली समाजवाद डॉ. राम मनोहर लोहिया का था, जिन्होंने नाम के पीछे से जाति हटाने की वकालत की थी, लेकिन अखिलेश ने अपने नाम के आगे से ‘यादव’ नहीं हटाया।
सपा सरकारों के कार्यकाल का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि जनता उस दौर के दंगों, गुंडागर्दी, लूट और हत्याओं को भूली नहीं है और सब कुछ समझ चुकी है।
इसके साथ ही उन्होंने सपा के ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फार्मूले पर तंज कसते हुए इसका नया अर्थ “परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी” बताया और कहा कि इस दल को केवल अपने परिवार के विकास की चिंता है। वहीं, प्रदेश में पंचायत चुनावों में हो रही देरी के मुद्दे पर राजभर ने स्पष्ट किया कि सरकार अपनी तरफ से पूरी तरह तैयार है और अब सिर्फ हाईकोर्ट के निर्देशों का इंतजार किया जा रहा है।
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