राम मंदिर चढ़ावा मामला: केंद्र की चुप्पी पर कांग्रेस का करारा प्रहार

राम मंदिर चढ़ावा मामला: केंद्र की चुप्पी पर कांग्रेस का करारा प्रहार

नई दिल्ली: कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी को लेकर सरकार की चुप्पी पर बड़े सवाल खड़े किए हैं।

उन्होंने सोशल मीडिया पर इसे भक्तों की आस्था के साथ खिलवाड़ बताते हुए आरोप लगाया कि पवित्र मंदिर से धन चुराने वालों पर कोई सख्त कदम नहीं उठाया जा रहा है।

उन्होंने सरकार की नीयत पर निशाना साधते हुए कहा कि जहां विपक्ष के नेताओं के पीछे तुरंत केंद्रीय जांच एजेंसियां लगा दी जाती हैं, वहीं राम मंदिर में चोरी की 105 वारदातें कैमरे में दिखने के बाद भी मुख्य आरोपियों को बचाया जा रहा है।

कांग्रेस की मांग है कि इस सुरक्षा चूक और धांधली के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर तुरंत कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

जयराम रमेश का चढ़ावा चोरी पर बड़ा घेराव

जयराम रमेश ने सवाल उठाया कि 105 चोरी की घटनाओं के बावजूद इस मामले में सिर्फ आठ आरोपी कैसे हो सकते हैं और इतनी वारदातों से केवल 79.85 लाख रुपये की बरामदगी के बाद मामले को बंद करने की इतनी जल्दी क्यों है।

उन्होंने चंपत राय और अनिल मिश्रा को आरोपी बनाए जाने के बजाय गवाह बनाए जाने पर भी सवाल खड़े किए और पूछा कि क्या जांच का मकसद केवल छोटे आरोपियों तक सीमित रहना था या उन लोगों की जवाबदेही तय करना भी था जिनकी निगरानी में यह सब चल रहा था।

कांग्रेस नेता ने 4 जून से 25 जून के बीच हुई घटनाओं के कालक्रम पर भी सवालिया निशान लगाए। उनके मुताबिक, चोरी की रकम का वीडियो 4 जून को चंपत राय तक पहुंचा, 5 जून को सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा की गई और 25 जून को प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज हुई।

उन्होंने पूछा कि बीच के इन 21 दिनों की देरी का पूरा सच देश के सामने क्यों नहीं लाया गया और उच्च स्तर की मिलीभगत या संरक्षण के बिना इतनी सारी घटनाएं कैसे संभव हैं।

कांग्रेस पार्टी इस मामले में शुरुआत से ही सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र, निष्पक्ष और विश्वसनीय जांच की मांग कर रही है।

जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले पर चुप्पी तोड़ने की मांग करते हुए कहा कि देश अब जानना चाहता है कि चढ़ावे की चोरी के लिए असली जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही कब तय होगी और सरकार इस मामले में पर्दा डालने की कोशिश क्यों कर रही है।

कांग्रेस पार्टी इस पूरे मामले के सच को सामने लाने के लिए शुरुआत से ही सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में निष्पक्ष जांच कराने की मांग कर रही है। उनका कहना है कि इस संवेदनशील मुद्दे पर पूरी तरह पारदर्शिता बरती जानी चाहिए।

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री से इस विषय पर अपनी चुप्पी तोड़ने को कहा है, कि आखिर असली गुनहगारों पर कार्रवाई करने से सरकार पीछे क्यों हट रही है और पूरे मामले को दबाने की कोशिश किसके इशारे पर की जा रही है।


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Mehak B