राम मंदिर चोरी विवाद: चंपत राय के खिलाफ याचिका पर 2 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट आगामी 2 नवंबर को अयोध्या के राम मंदिर में भक्तो द्वारा दिए जाने वाले दान और चढ़ावे में हुई वित्तीय गड़बड़ियों के आरोपों पर सुनवाई करेगा। यह क़ानूनी कार्यवाही श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और अन्य जिम्मेदारी लोगों के खिलाफ दायर की गई याचिका पर होगी, जिसमे चंदे के पैसों की चोरी और हेरफेर की जाँच के साथ-साथ दोषियों पर कड़ी कार्यवाई की मांग की गई है।
सुप्रीम कोर्ट में एक साथ होगी सुनवाई
अखिल भारत हिंदू महासभा द्वारा दायर की गई एक याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि राम मंदिर निर्माण के लिए मिले चंदे में कथित अनियमितताओं और मंदिर के आसपास जमीन की अवैध खरीद के आरोपों से जुड़ी इस याचिका पर सुनवाई 2 नवंबर को पहले से लंबित ऐसी ही अन्य याचिकाओं के साथ एक साथ की जाएगी, जिसमें चंपत राय और अन्य दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने तथा मौजूदा ट्रस्ट को भंग कर उसका पूरी तरह से पुनर्गठन करने की मांग की गई है।
यह मामला अयोध्या के राम मंदिर में भक्तों द्वारा दिए जाने वाले चढ़ावे और दान के पैसों—विशेषकर कैश, नोटों और सिक्कों की गिनती के दौरान हेरफेर और चोरी किए जाने के गंभीर आरोपों से जुड़ा है, जिस पर लगातार उठ रहे सवालों के बाद अब यह पूरा मामला सुप्रीम कोर्ट पहुँच चुका है।
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अखिल भारत हिंदू महासभा का कहना है कि राम मंदिर करोड़ो लोगों की गहरी आस्था का प्रतिक है इसलिए इसके दान-चढ़ावे में किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संगठन ने पारदर्शिता लाने के लिए ट्रस्ट को बदलने और दोषियों को सजा देने की मांग की है। अब इस पूरे विवाद और वित्तीय गड़बड़ियों के आरोपों पर 2 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई होगी।
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