रोशन आनंद का पुलिस पर आरोप: एनकाउंटर को घेरा, खान सर का नाम लेकर भेदभाव का दावा

रोशन आनंद का पुलिस पर आरोप: एनकाउंटर को घेरा, खान सर का नाम लेकर भेदभाव का दावा

ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी के डायरेक्टर रोशन आनंद ने भरत तिवारी एनकाउंटर पर पुलिसिया कार्रवाई को कटघरे में खड़ा करते हुए अपने भाई की मौत के मामले में खान सर और किसान कोल्ड स्टोरेज के मालिक आर.एस. प्रसाद पर गंभीर आरोप लगाए हैं

पटना: ज्ञान बिंदु GS एकेडमी के डायरेक्टर रोशन आनंद ने बिहार के भोजपुर (आरा) में 28 वर्षीय भरत भूषण तिवारी के कथित एनकाउंटर को लेकर पुलिस प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जिस सिस्टम को जनता की सुरक्षा के लिए बनाया गया था, वह आज निरंकुश होकर रक्षक से भक्षक में बदल चुकी है।

रोशन आनंद ने सवाल उठाया कि जब भरत तिवारी ने सरेंडर कर दिया था, तो फिर एक निहत्थे को मौत के घाट उतारकर एनकाउंटर का रूप क्यों दिया गया? इसके साथ ही उन्होंने अपनी गिरफ्तारी और अपने भाई प्रिंस यादव की संदिग्ध मौत के बीच की कड़ियों को जोड़ते हुए आरोप लगाया कि प्रशासन की तानाशाही और जल्दबाजी ने उनके हंसते-खेलते परिवार को तबाह कर दिया।

उन्होंने कहा कि अगर उन्हें एक झूठे मामले में साजिश के तहत गिरफ्तार नहीं किया गया होता, तो आज उनका भाई भी जिंदा होता।

रोशन आनंद ने पुलिस प्रशासन पर भेदभाव और दोहरे रवैये का आरोप लगाते हुए अपनी तुलना पटना के चर्चित शिक्षक खान सर से की। उन्होंने दावा किया कि 2 जून की रात 10 बजे एक घटना हुई, आधी रात को एफआईआर दर्ज की गई और महज 4 घंटे के भीतर उन्हें झूठे केस में जेल के अंदर डाल दिया गया।

इसके विपरीत, 4 जून को फैसल खान (खान सर) के खिलाफ एक पुख्ता एफआईआर दर्ज होने और प्रशासन के पास 48 से 72 घंटे का लंबा समय होने के बावजूद, उनकी गिरफ्तारी तो दूर, पूछताछ तक नहीं की गई।

उन्होंने आरोप लगाया कि जेल भेजे जाने के दौरान कदमकुआं थाने के एसएचओ ने उन्हें पूरी तरह बर्बाद करने और सड़क पर भीख मांगने पर मजबूर करने की सीधी धमकी दी थी, जिसमें वे काफी हद तक कामयाब भी रहे। आनंद ने अंत में कहा कि यदि यह भ्रष्ट व्यवस्था उन्हें न्याय नहीं देती, तो उन्हें ईश्वर और प्रकृति के न्याय पर पूरा भरोसा है।


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Sanjana Kumari

संजना कुमारी: रियल-टाइम खबरों पर मजबूत पकड़ रखने वाली डिजिटल कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार, जो सामाजिक-राजनीतिक, क्षेत्रीय और सांस्कृतिक घटनाक्रमों को डिजिटल दर्शकों के लिए सटीक व आकर्षक बनाती हैं