अपनों की सुविधा के लिए खुद का घर क़ुर्बान, गैंती थाम भावुक हुए सीएम मोहन यादव
नई दिल्ली: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ-2028 के विकास कार्यो के लिए एक अनोखी मिसाल पेश की है। रविवार को उन्होंने उज्जैन स्थित अपने उस पैतृक घर का हिस्सा खुद गैंती चलाकर तोडा, जहां उनका जन्म और बचपन बीता था। सड़क चौड़ीकरण के इस काम के लिए अपने ही घर को टूटता देख मुख्यमंत्री थोड़े भावुक भी हुए।
उन्होंने कहा कि जिस घर से इतनी यादें जुडी हो, उसे तोड़ना आसान नहीं होता, लेकिन सिंहस्थ जैसे बड़े धार्मिक और सार्वजानिक आयोजन के विकास के लिए यह जरुरी था। उन्होंने जनता की तारीफ करते हुए कहा कि जब पूरा शहर दुसरो की सुविधा के लिए अपने कदम पीछे बड़ा रहा है, तो उन्हें भी आगे आकर यह शुरुआत करनी ही थी।
सार्वजनिक हित में सीएम और जनता का बड़ा कदम
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने राजनीतिक सफर के शुरुआती दिनों को याद करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व्यक्तिगत हितों से परे रहकर सुशासन के लिए काम करने का एक उत्कृष्ट उदाहरण हैं। सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण और शहरी विकास का कार्य तेजी से चल रहा है, जिसके लिए खजूर वाली मस्जिद से गणेश चौक तक करीब 730 मीटर लंबे मार्ग को 15 मीटर चौड़ा करने के लिए 9.80 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।
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इस विकास कार्य के लिए उज्जैन की जनता ने बिना किसी भेदभाव के अपने मकान और देवस्थान खुद पीछे हटाए हैं, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पैतृक मकान भी प्रशासनिक प्रक्रिया के दायरे में आ रहा है। दशकों पुरानी पारिवारिक यादों से जुड़े अपने घर के प्रभावित होने के बावजूद मुख्यमंत्री ने इसे सार्वजनिक हित और उज्जैन के भविष्य के विकास के रूप में देखा है।
यह सड़क उज्जैन शहर के सबसे व्यस्त और मुख्य रास्तो में से एक है। सिंहस्थ-2028 के दौरान यहां लाखो श्रद्धालुओ और गाड़ियों की भारी भीड़ जुटने की उम्मीद है। इसी ट्रैफिक संभालने और लोगो के सफर को आसान बनाने के लिए इस रास्ते को चौड़ा किया जा रहा है, ताकि महापर्व के समय यातायात बिना किसी जाम के सुचारु रूप से चल सके।
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