सुप्रीम कोर्ट से अबू सलेम को झटका, समय से पहले रिहाई की मांग खारिज
नई दिल्ली: 1993 के मुंबई बम धमाकों के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे गैंगस्टर अबू सलेम को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने उसकी समय से पहले जेल से रिहा होने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है। इस फैसले के बाद अब अबू सलेम की जेल से जल्दी बाहर आने की उम्मीद फिलहाल खत्म हो गई है।
12 मार्च 1993 को मुंबई में सिलसिलेवार बम धमाके हुए थे। शहर के 12 अलग-अलग इलाकों को निशाना बनाया गया था। इन धमाकों में 257 लोगों की मौत हुई थी, जबकि करीब 800 लोग घायल हुए थे। यह हमला देश के सबसे बड़े और भयावह आतंकी हमलों में शामिल है।
धमाकों की साजिश और हथियारों की सप्लाई
जांच एजेंसियों के अनुसार, इन बम धमाकों के पीछे बाबरी मस्जिद गिराए जाने का बदला लेने की साजिश थी। इस पूरी साजिश में गैंगस्टर अबू सलेम को एक मुख्य आरोपी माना गया।
पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि वह धमाकों की योजना बनाने में शामिल था और उसने गुजरात के भरूच से मुंबई तक अवैध हथियार और बारूद पहुंचाने का काम किया था। इसके अलावा, उसे मर्डर हत्या के एक दूसरे मामले में भी अदालत द्वारा दोषी पाया गया था।
विशेष टाडा TADA कोर्ट ने अबू सलेम को धमाकों का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी, जिसके बाद से वह जेल में बंद है।
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अबू सलेम की दलील थी कि पुर्तगाल से भारत लाते समय हुए समझौते के मुताबिक, उसे 25 साल से ज्यादा जेल में नहीं रखा जा सकता। इसी वादे का हवाला देकर उसने समय से पहले जेल से छूटने के लिए सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया है।
अबू सलेम की जल्द रिहाई की मांग खारिज
अदालतें अबू सलेम की इस दलील को पहले भी कई बार खारिज कर चुकी हैं। बॉम्बे हाईकोर्ट ने भी उसकी याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा था कि सजा में मिलने वाली छूट की गणना उसकी तय रिहाई की तारीख से करीब एक महीने पहले ही की जा सकती है।
इसलिए अभी से यह दावा करना पूरी तरह गलत है कि उसकी सजा पूरी हो चुकी है। अब सुप्रीम कोर्ट ने भी हाई कोर्ट के इसी फैसले को सही माना है। इस आदेश से यह साफ हो गया है कि अबू सलेम को फिलहाल जेल से समय से पहले रिहाई नहीं मिलेगी।
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