शशि थरूर बोले- सीजेपी जितना असरदार नहीं रहा कांग्रेस का प्रदर्शन
पेपर लीक को लेकर सोशल मीडिया पर बने संगठन CJP का आंदोलन, कांग्रेस पार्टी के छात्र संपर्क अभियान ‘छात्रों की गूंज’ की तुलना में अधिक प्रभावी रहा
नई दिल्ली: कांग्रेस के नेता राहुल गाँधी और सांसद शशि थरूर ने यह मान लिया है की पेपर लीक को लेकर सोशल मीडिया पर बने संगठन CJP का आंदोलन, कांग्रेस पार्टी के छात्र संपर्क अभियान ‘छात्रों की गूंज’ की तुलना में अधिक प्रभावी रहा।
उन्होंने बताया कि सीजेपी द्वारा जंतर-मंतर पर उठाए गए मुद्दे और मांगें वही थीं, जिन्हें कांग्रेस पहले ही अपने अभियान के तहत उठा चुकी थी।
वांगचुक के अनिश्चितकालीन अनशन से यही आंदोलन और व्यापक हो गया
कांग्रेस के अभियान को सीजेपी के प्रदर्शन जितना जनसमर्थन और असर न मिलने पर आत्ममंथन करते हुए थरूर ने कहा कि पार्टी को यह सोचना चाहिए कि उससे कहां चूक हुई और क्या वह छात्रों की बात सुनने या Gen Z की नब्ज समझने में असफल रही।
नीट-यूजी 2026 पेपर लीक के खिलाफ सीजेपी ने 20 जून से सरकार से जवाबदेही और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू किया था, जिसे देश के पहले जेन जी प्रदर्शन के रूप में पहचान मिली।
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शिक्षाविद सोनम वांगचुक के अनिश्चितकालीन अनशन से यह आंदोलन और व्यापक हो गया। हालांकि, 20 जुलाई के प्रस्तावित संसद मार्च से पहले पुलिस कार्रवाई और सोनम वांगचुक को हटाए जाने के बाद यह मामला बड़ा राजनीतिक विवाद बन गया था।
दूसरी ओर, कांग्रेस और उसके छात्र संगठन एनएसयूआई ने भी पेपर लीक के खिलाफ शुरुआती चरण से ही मोर्चा खोला था।
एनएसयूआई ने 12 मई को दिल्ली में बड़ा प्रदर्शन किया था, जबकि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 17 जून को कोटा से ‘छात्रों की गूंज’ अभियान की शुरुआत की थी।
कोटा और देहरादून के बाद प्रयागराज तक चले इस तीन-शहरों के अभियान के जरिए राहुल गांधी ने परीक्षा अनियमितताओं, जबरन वसूली की व्यवस्था और रोजगार संकट के मुद्दों को उठाते हुए देश के छात्रों की आवाज को मुखर किया था।
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