सत्तापक्ष पर बरसी शिवसेना UBT, कानून-व्यवस्था को लेकर उठाए सवाल

सत्तापक्ष पर बरसी शिवसेना UBT, कानून-व्यवस्था को लेकर उठाए सवाल

नई दिल्ली: महाराष्ट्र सरकार ने 2029 तक राज्य को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया है, जिस पर शिववसेना ने तीखा पलटवार किया है। पार्टी ने अपने मुखपत्र सामना के संपकीय में इस मुहीम को दिखावा और नाटक करार दिया। ठाकरे गुट ने भाजपा और देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधते हुए सवाल किया की पिछले 10 साल से ज्यादा समय से सत्ता में रहने के बाद भी वे राज्य में फैलते ड्रग्स नेटवर्क को क्यों नहीं रोक पाए।

शिवसेना (यूबीटी) ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ के संपादकीय के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और महाराष्ट्र के गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधते हुए जनता से अपील की है कि वे 2029 की समयसीमा को याद रखें और तब यह सवाल पूछें कि क्या महाराष्ट्र वास्तव में नशामुक्त हो गया है।

राजनीतिक संरक्षण और गृह विभाग पर गंभीर आरोप

पार्टी ने राज्य प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि अवैध मादक पदार्थों और शराब का कारोबार कथित तौर पर राजनीतिक संरक्षण में फल-फूल रहा है, और नासिक, पुणे तथा सतारा में अवैध विनिर्माण इकाइयों के मामले सामने आने के बावजूद गृह विभाग द्वारा जांच को दबाया जा रहा है।

संपादकीय में बिगड़ती कानून-व्यवस्था के कारण महाराष्ट्र के “उड़ता महाराष्ट्र” की ओर बढ़ने का दावा करते हुए कहा गया है कि नशे के खिलाफ स्थानीय विरोध प्रदर्शनों का बीजेपी नेताओं ने मजाक उड़ाया है और तस्कर व शराब निर्माता बीजेपी के संरक्षण में हैं।

अंत में पार्टी ने कटाक्ष किया कि शराब बनाने वाली कई चीनी मिलों के मालिक बीजेपी खेमे में शामिल हो चुके हैं, और सवाल उठाया कि क्या मुख्यमंत्री इन शराब व्यापारियों को कड़ी चेतावनी देंगे या केवल चुनावी प्रचार के लिए शराब की परिभाषा बदलने का प्रयास किया जाएगा।

शिवसेना का कहना है की महाराष्ट्र में नशा सिर्फ चरस गांजा या अन्य ड्रग्स तक ही सीमित नहीं है। पार्टी के अनुसार राज्य में भ्रष्टाचार हुए पैसे का नशा भी तेजी से बाद रहा है। इसलिए महाराष्ट्र को नशीले पदार्थो के साथ साथ इस राजनीतिक और प्रशासनिक नशे से भी आज़ाद करना बेहद जरुरी है।


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Sanjana Kumari

संजना कुमारी: रियल-टाइम खबरों पर मजबूत पकड़ रखने वाली डिजिटल कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार, जो सामाजिक-राजनीतिक, क्षेत्रीय और सांस्कृतिक घटनाक्रमों को डिजिटल दर्शकों के लिए सटीक व आकर्षक बनाती हैं