राम मंदिर दान चोरी मामले की जांच के लिए SIT गठित, हिरासत में चढ़ावा गिनने वाला कर्मचारी

राम मंदिर दान चोरी मामले की जांच के लिए  SIT गठित, हिरासत में चढ़ावा गिनने वाला कर्मचारी

राम मंदिर दान गबन मामले में योगी सरकार द्वारा गठित एसआईटी की जांच तेज होते ही पुलिस ने एक संदिग्ध कर्मचारी के घर छापेमारी कर दस लाख रुपए बरामद किए हैं

अयोध्या:  योगी सरकार ने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की सिफारिश पर राम मंदिर दान गबन विवाद के आरोपों की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया है जिसके बाद अयोध्या में इस मामले की जांच काफी तेज हो गई है।

सूत्रों के मुताबिक, बीती रात पुलिस ने रुदौली कोतवाली क्षेत्र के मीनापुर फगौली मजरे में रहने वाले राम मंदिर के एक कर्मचारी के आवास पर छापा मारा और वहां से दस लाख रुपए नकद बरामद किए।

हैरान करने वाली बात यह है कि पुलिस को कुछ रकम अलमारी से और कुछ रकम गोबर के ढेर से मिली। जांच में यह भी सामने आया है कि इस कर्मचारी ने हाल ही में 40 लाख रुपए की एक जमीन खरीदी थी, जिस पर निर्माण कार्य चल रहा है।

पुलिस इस कर्मचारी को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है, जिसकी ड्यूटी मंदिर में चढ़ावे की गिनती के पास रहती थी। हालांकि, इस पूरे मामले पर फिलहाल राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने चुप्पी साध रखी है और पुलिस की ओर से भी अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ था जब खुद को राम मंदिर का पूर्व मुख्य लेखा प्रभारी बताने वाले महिपाल सिंह ने दान की राशि में करीब 7 करोड़ रुपए के गबन का आरोप लगाया था।

इस आरोप के बाद सीसीटीवी फुटेज डिलीट होने की बात भी सामने आई थी, जिसे लेकर अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी दलों ने भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए ट्रस्ट ने खुद योगी सरकार से एसआईटी गठन की सिफारिश की थी।

शनिवार को गठित की गई इस एसआईटी में कई वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है और सरकार ने समिति से एक हफ्ते के भीतर जांच रिपोर्ट तलब की है। पुलिस को उम्मीद है कि हिरासत में लिए गए कर्मचारी से पूछताछ में इस बड़े गबन मामले से जुड़े कई अहम सुराग मिल सकते हैं।


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Raja Zaid

"राजा ज़ैद एक जाने-माने पत्रकार हैं। उन्हें देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ राजनीति और सामायिक विषयो की कवरेज का 15 वर्षो से अधिक का अनुभव है।