सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: सड़कों से आवारा कुत्ते हटाने का 2025 का आदेश रहेगा बरकरार, याचिकाएं खारिज
नई दिल्ली: देशभर के डॉग लवर्स को आज सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है, क्योंकि कोर्ट ने आवारा कुत्तों को लेकर साल 2025 में लागू किया गया अपना आदेश कायम रखा है।
सुप्रीम कोर्ट ने इस आदेश में किसी भी तरह का बदलाव करने से साफ इनकार करते हुए इससे जुड़ीं सभी याचिकाएं खारिज कर दी हैं।
इन याचिकाओं में अपील की गई थी कि सार्वजनिक स्थानों और सड़कों से पकड़े गए आवारा कुत्तों की नसबंदी और वैक्सीनेशन करके उन्हें वापस उसी जगह छोड़ दिया जाए, लेकिन शीर्ष अदालत ने इस मांग को स्वीकार नहीं किया और साफ कर दिया कि आवारा कुत्तों को सड़कों से हटाने का आदेश बदला नहीं जाएगा।
कोर्ट ने रखा था फैसला सुरक्षित
जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने इन याचिकाओं पर विस्तृत सुनवाई की थी, जिसके बाद गत 29 जनवरी 2026 को फैसला सुरक्षित रख लिया गया था।
सुनवाई के दौरान विभिन्न राज्य सरकारों, नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) और एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया (AWBI) ने अपनी-अपनी दलीलें पेश की थीं।
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मामले की गंभीरता को रेखांकित करते हुए सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने सख्त टिप्पणी की थी कि आवारा कुत्तों के हमले से लोगों की जान चली जाती है और गंभीर चोट लगने पर पूरी जिंदगी खराब हो जाती है।
कोर्ट ने स्पष्ट चेतावनी दी कि पिछले कुछ समय में आवारा कुत्तों के जानलेवा हमलों के कई मामले सामने आए हैं, जिसे लेकर अदालत बेहद गंभीर है।
ऐसे मामलों में केवल नगर निकाय ही नहीं, बल्कि डॉग लवर्स और फीडर्स (कुत्तों को खाना खिलाने वाले) भी जिम्मेदार ठहराए जा सकते हैं।
कोर्ट ने दोटूक शब्दों में कहा कि उसकी टिप्पणियों को मजाक समझने की गलती न की जाए, क्योंकि भविष्य में आवारा कुत्तों के हमले से किसी की मौत होने या गंभीर रूप से घायल होने पर सुप्रीम कोर्ट जवाबदेही और जिम्मेदारी तय करने से बिल्कुल पीछे नहीं हटेगा।
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