सऊदी-ईरान में रहस्यमयी धमाकों से बढ़ा तनाव, अमेरिकी चुनाव के बाद जंग खत्म होने का ट्रंप का दावा

सऊदी-ईरान में रहस्यमयी धमाकों से बढ़ा तनाव, अमेरिकी चुनाव के बाद जंग खत्म होने का ट्रंप का दावा

नई दिल्ली: ईरान और सऊदी अरब के तटीय और सैन्य इलाको में बुधवार को हुए रहस्यमयी धमको ने मध्य-पूर्व में तनाव को और बढ़ा दिया है। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार समुंद्र के किनारे बसे शहरो के साथ साथ सऊदी अरब के किंग फहद एयर बेस और ताइफ़ शहर में भी तेज धमाकों की आवाजें सुनी गई।

यह घटना ठीक उसी समय हुई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया की अमेरिकी चुनावो के ठीक बाद ईरान के साथ जारी यह संघर्ष तुरंत समाप्त हो जाएगा। ट्रंप ने आरोप लगाया की ईरान जानबूझकर इस जंग को लंबा खींच रहा है ताकि अमेरिकी में सत्ता बदलने का फायदा उठाकर वह चुपके से परमाणु हथियार बना सके।

ईरान के परमाणु खतरे और अमेरिकी रुख पर ट्रंप की चेतावनी

डलास में एक कार्यक्रम के लिए निकलने से पहले डोनाल्ड ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में दावा किया कि अमेरिकी चुनाव के तुरंत बाद मध्य-पूर्व का युद्ध खत्म हो जाएगा। उन्होंने कहा कि ईरान के पास बी कोई रास्ता नहीं बचा है और वह आर्थिक तथा रजननीतिक रूप से ज्यादा दिनों तक टिक नहीं पाएगा। ट्रंप का आरोप है की ईरान अमेरिकी चुनाव में दखल देने की पूरी कोशिश कर रहा है ताकि वांशिगटन में कोई कमजोर सरकार आए जो उसे परमाणु हथियार बनाने की खुली छूट दे दे। उन्होंने आगाह किया की अगर ईरान को परमाणु ताकत मिल गई तो पूरी दुनिया के लिए बहुत बड़ा खतरा पैदा हो जाएगा।

अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ राजनयिक बातचीत या सैन्य अभियान के सवाल पर संकेत दिया है कि वाशिंगटन फिलहाल बातचीत को लेकर जल्दबाज़ी में नहीं है क्योंकि हालिया सैन्य अभियानों ने ईरानी सरकार को काफी कमजोर कर दिया है और भविष्य का कोई भी कूटनीतिक समाधान केवल पारंपरिक परमाणु समझौतों तक सीमित न रहकर उससे कहीं अधिक व्यापक मुद्दों को शामिल करेगा।

दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के उन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है जिनमें हूती विद्रोहियों को तेहरान का प्रॉक्सी बताया गया था। बघाई ने स्पष्ट किया कि हूती एक स्वतंत्र समूह है जो अपने फैसले खुद लेता है और अमेरिका अपनी सैन्य मौजूदगी व वर्चस्ववादी नीतियों के जरिए क्षेत्र में अस्थिरता फैला रहा है, इसलिए यमन में स्थायी शांति के लिए बाहरी दखलंदाजी को खत्म करना बेहद जरूरी है।

ईरानी प्रवक्ता बधाई ने मध्य-पूर्व में अमेरिकी नीतियों पर तीखा हमला बोलते हुए वांशिगटन को अपनी सेनाए हटाने की सलाह दी है। उन्होंने साफ़ शब्दों में कहा की इस पुरे इलाके में अशांति और तनाव की मुख्य वजह अमेरिका का सैन्य दखल और उसकी दादागीरी वाली नीतियां है। बधाई के मुताबिक अगर अमेरिका सचमुच इस क्षेत्र में अमन-चेन और स्थिरता देखना चाहता है तो उसे एक सीधा सा कदम उठाना होगा उसे इस इलाके में अपनी नुकसानदेह और माहौल बिगाड़ने वाली दखलंदाजी को तुरंत बंद करना होगा।


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Sanjana Kumari

संजना कुमारी: रियल-टाइम खबरों पर मजबूत पकड़ रखने वाली डिजिटल कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार, जो सामाजिक-राजनीतिक, क्षेत्रीय और सांस्कृतिक घटनाक्रमों को डिजिटल दर्शकों के लिए सटीक व आकर्षक बनाती हैं