पंचायती राज मंत्री तो घर से ही नहीं निकल पाएंगे, गाँव पहुँचना तो दूर की बात है:सागर सिंह तोमर
अलीगढ़ के कांग्रेस नेता सागर सिंह तोमर ने इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा उत्तर प्रदेश सरकार के ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाने के फैसले को असंवैधानिक बताने पर तंज कसते हुए कहा कि भाजपा ने प्रधानों को बुरी तरह फंसा दिया है और अब वे भाजपाइयों को गांवों में घुसने नहीं देंगे
अलीगढ़: कांग्रेस नेता सागर सिंह तोमर ने कहा उप्र भाजपा सरकार द्वारा एक तरफ़ झूठी तारीफ़ के प्रायोजित कार्यक्रम लगातार करवाये जा रहे हैं।
तो दूसरी तरफ़ माननीय इलाहाबाद हाईकोर्ट की फटकार ने ये कहकर रंग मे भंग कर दिया कि ‘कार्यकाल ख़त्म होने के बावजूद ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाने का यूपी सरकार का फ़ैसला असंवैधानिक है’।
कांग्रेस नेता सागर सिंह तोमर ने कहा जनता पूछ रही है कि ‘असंवैधानिक’ काम करने की सज़ा क्या होती है।
अब यही ग्राम प्रधान भाजपाइयों को इसलिए गाँवों में घुसने नहीं देंगे क्योंकि भाजपा सरकार द्वारा उन्हें प्रशासक बनाने के आदेश ने, उनमें कुछ नये काम करने की उम्मीद जगाई
जिसका वादा वो जनता से कर चुके थे, अब जनता तो तकनीकी पक्ष समझती नहीं है कि क्या हुआ, वो तो यही मानेगी कि प्रधान जी ने अपना वादा पूरा नहीं किया।
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और सारा फ़ंड-बजट-पैसा डबल इंजन के साथ मिल-बाँटकर खा गये। प्रधानों में इस बात का भी डर है कि कहीं ‘इन बीच के दिनों’ के ख़र्चे का ख़ामियाज़ा उनको अपनी जेब से न भरना पड़े।
हो सकता है कल को ‘पैसा वापसी’ का आदेश भी आ जाए। जब कार्यकाल गलत साबित हो गया है, तो उस समय में खर्च हुआ पैसा भी तो क़ानूनी रूप से गलत माना जाएगा।
भाजपा ने प्रधानों को बहुत बुरा फँसा दिया है। वहीं प्रधानों ने जिन ठेकेदारों को काम दिया था, वो भी ‘इन बीच के दिनों’ के बिलों का भुगतान करवाने के लिए प्रधानों का दरवाज़ा खटखटाएँगे।
इसीलिए प्रधान अब भाजपाइयों और उनके संगी-साथियों की गाँव-गाँव में नाकाबंदी कर देंगे।
भाजपा बनने चली थी। सयानी निपट गई उसकी ही कहानी। भाजपा किसी घाट की नहीं रही।
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