TMC सांसद कल्याण बनर्जी मानसून सत्र के लिए लोकसभा से निलंबित, असंसदीय भाषा का आरोप
सदन में बागी सांसद को ‘चोर’ कहने और असंसदीय भाषा के प्रयोग के चलते TMC सांसद कल्याण बनर्जी को मानसून सत्र की शेष अवधि के लिए लोकसभा से निलंबित कर दिया गया है
नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के तीसरे दिन भी विपक्ष के भारी हंगामे के बीच एक बड़ी कार्रवाई देखने को मिली।
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद कल्याण बनर्जी को असंसदीय भाषा के इस्तेमाल के आरोप में मानसून सत्र की शेष पूरी अवधि के लिए लोकसभा से निलंबित कर दिया गया है।
वहीं, NEET पेपर लीक, प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर हो रहे हंगामे के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही दिन भर में तीन बार स्थगित हुई।
बागी सांसदों से बहस के दौरान लगाया ‘चोर’ कहने का आरोप
रिपोर्ट्स के अनुसार, कल्याण बनर्जी पर एनसीपीआई (NCPI) में शामिल हो चुकीं पूर्व टीएमसी सांसदों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप है।
आरोप है कि बहस के दौरान बनर्जी ने बागी सांसदों को ‘चोर’ कहा, जिसके बाद सदन के भीतर तीखा टकराव देखने को मिला।
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हालाँकि, विवाद की शुरुआत किस बात पर हुई, इसकी तात्कालिक वजह पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सकी है।
लोकसभा अध्यक्ष से की गई शिकायत
विवाद के बाद एनसीपीआई की सांसद मिताली बैग, काकोली घोष दस्तीदार और शताब्दी रॉय ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से उनके कक्ष में मुलाकात की।
सूत्रों के मुताबिक, स्पीकर ने बागी सांसदों को इस पूरे घटनाक्रम पर लिखित शिकायत दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि मामले पर आगे की नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।
टीएमसी में बगावत और विभाजन की पृष्ठभूमि
यह पूरा विवाद तृणमूल कांग्रेस में हाल ही में हुए आंतरिक विभाजन से जुड़ा हुआ है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पार्टी के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद टीएमसी के करीब 20 सांसदों ने बगावत करते हुए नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) का गठन कर लिया था।
ये बागी सांसद अब संसद में टीएमसी से अलग बैठते हैं और एनडीए (NDA) सरकार को अपना समर्थन दे रहे हैं।
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