सुधांशु त्रिवेदी का वार: चुनाव से ‘सरकार बदलना’ लोकतंत्र, पर साजिश से ‘तख्तापलट’ मंजूर नहीं
नई दिल्ली: एसआईआर SIR विवाद और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के बीच ‘रिजीम चेंज’ सत्ता परिवर्तन पर राजनीति गरमा गई है। बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन और कमजोर होते वामपंथियों का जनसमर्थन घट रहा है।
भविष्य में कोई राजनीतिक सफलता न दिखने के कारण वे अब लोकतांत्रिक तरीके से सरकार बदलने के बजाय विदेशी शक्तियों की मदद से ‘रिजीम चेंज’ यानी तख्तापलट जैसी बातें कर रहे हैं।
सुधांशु त्रिवेदी का विपक्ष पर सीधा वार
भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए ‘रिजीम चेंज’ सत्ता परिवर्तन और कनॉट प्लेस में हुए विरोध प्रदर्शनों को लेकर कड़ा रुख अपनाया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनावों के माध्यम से सरकार बदलना एक सामान्य और पारदर्शी लोकतांत्रिक प्रक्रिया है, जबकि ‘रिजीम चेंज’ का वास्तविक अर्थ साजिशों हिंसक संघर्षों और विदेशी ताकतों के साथ मिलीभगत करके किसी चुनी हुई सरकार को गिराना होता है।
इसे भी पढ़ें: यूपी चुनाव से पहले बसपा में संग्राम, मायावती ने आकाश आनंद को निकाला
कनॉट प्लेस में जुटे प्रदर्शनकारियों पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि इस इलाके के बाहरी हिस्से को ‘इंदिरा चौक’ और भीतरी हिस्से को ‘राजीव चौक’ कहा जाता है तथा आज के इन हालातों और मुट्ठी भर लोगों के जुटने के तमाशे को देखकर इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की आत्मा भी शर्मिंदा हो रही होगी।
त्योहारों में व्यापार ठप करने की साजिश
इसके अलावा, उन्होंने सवाल उठाया कि त्योहारी सीजन के दौरान सेंट्रल दिल्ली पूरे क्षेत्र की व्यावसायिक गतिविधियों का मुख्य केंद्र होती है ऐसे में इस व्यस्त इलाके में विरोध प्रदर्शन करके भारत की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने की कोई सोची समझी साजिश तो नहीं रची जा रही है।
उन्होंने कहा मेरा मानना है कि देश के युवाओं को भी यह अच्छी तरह समझ लेना चाहिए कि जो आंदोलन 3 4 महीने पहले यह दावा करता था कि उसका एकमात्र उद्देश्य परीक्षा प्रणाली और प्रवेश परीक्षाओं में सुधार करना है वह अब खुलेआम देश की अर्थव्यवस्था को बर्बाद करने और उसे नुकसान पहुंचाने की साजिश में लगा हुआ है।
Discover more from
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
