‘दो कचौड़ी, एक समोसा’ का नारा: दारोगा परीक्षा रद्द होने पर पटना में छात्रों का भारी प्रदर्शन
पटना: बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग BPSSC द्वारा दारोगा मुख्य परीक्षा रद्द किए जाने के खिलाफ सोमवार को पटना की सड़कों पर दारोगा अभ्यर्थियों ने जमकर बवाल काटा। बड़ी संख्या में छात्र जेपी गोलंबर के पास इकट्ठा हुए और आयोग के इस फैसले के विरोध में नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों की मांग है कि मुख्य परीक्षा को रद्द करने का निर्णय तुरंत वापस लिया जाए और जो परिणाम पहले घोषित किया जा चुका है उसे ही मान्य किया जाए।
हाथों में पोस्टर लेकर और आयोग के फैसले पर तंज कसते हुए जब सैकड़ों अभ्यर्थी मुख्यमंत्री आवास की तरफ बढ़ने लगे तो पुलिस ने रास्ते में ही मजबूत बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया।
7 दिन बाद सड़कों पर फूटा दारोगा अभ्यर्थियों का गुस्सा
प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए महिला पुलिसकर्मियों को भी तैनात किया गया था। अभ्यर्थियों ने हाथों में पोस्टर लेकर आयोग और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का कहना था कि वे पिछले सात दिनों से गर्दनीबाग में अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्याओं पर कोई ठोस सुनवाई नहीं हुई है। इसके बाद सोमवार को बड़ी संख्या में अभ्यर्थी सड़क पर उतरकर मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने का प्रयास करने लगे।
मौर्य लोक की तरफ आगे बढ़ रहे अभ्यर्थियों को पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया, जिसके चलते पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई और कुछ देर के लिए वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
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अनोखे नारों के साथ दारोगा अभ्यर्थियों का फूटा गुस्सा
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों के हाथों में कई तरह के पोस्टर थे जिनमें से एक पर लिखा था दो कचौड़ी एक समोसा बीपीएसएससी का क्या भरोसा। इस अनोखे नारे के जरिए उन्होंने आयोग के फैसलों पर सवाल उठाते हुए विरोध जताया।
गौरतलब है कि बिहार में दारोगा के 1,799 पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा हुई थी और मुख्य परीक्षा का रिजल्ट आने के बाद अनियमितता के आरोप लगने पर बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग ने मुख्य परीक्षा को रद्द कर दिया था।
आयोग के इस फैसले से छात्र बहुत परेशान हैं और लगातार आंदोलन कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि परीक्षा को रद्द करने के बजाय पूरी धांधली की ठीक से जांच होनी चाहिए और जो भी दोषी हो उस पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
उनका कहना है कि हजारों युवाओं ने दिन रात मेहनत करके यह परीक्षा पास की थी और अब अचानक इसे रद्द करने से उनका पूरा भविष्य दांव पर लग गया है। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने सरकार से तुरंत इस मामले में दखल देने और परीक्षा रद्द करने का फैसला वापस लेने की गुहार लगाई है
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