उद्धव ठाकरे की सलाह सभी दलों को साथ लेकर चले कांग्रेस
नई दिल्ली: विपक्षी गठबंधन की बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने और चुनाव के तरीके बदलने की मांग उठी।
बैठक के दौरान कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने चुनाव आयोग के काम करने के तरीके पर कड़े सवाल उठाए और मुख्य चुनाव आयुक्त से अपना पद छोड़ने को कहा।
उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग के ही दो बड़े अधिकारियों ने पिछले 10 महीनों में 14 बार गड़बड़ियों पर उंगली उठाई है, जिससे पूरी चुनाव व्यवस्था पर शक पैदा होता है।
SIR से पुरानी वोटर लिस्ट और बैलेट पेपर लाने की उठी मांग
इस बैठक में विपक्षी दलों के सामने चुनाव प्रक्रिया में सुधार को लेकर कई प्रमुख मांगें रखी गईं। कांग्रेस अध्यक्ष ने भविष्य के चुनावों में एसआईआर से पहले की मतदाता सूची का उपयोग करने और EVM की जगह बैलेट पेपर से मतदान कराने की वकालत की।
विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ एकजुट होकर कड़ा विरोध प्रदर्शन करने की रूपरेखा पर भी विचार-विमर्श किया।
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गठबंधन की इस वर्चुअल बैठक के दौरान शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कांग्रेस पार्टी की ‘एकला चलो’ नीति पर कड़ी आपत्ति जताई।
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में कांग्रेस द्वारा अकेले धरना-प्रदर्शन करना सही नहीं है, क्योंकि गठबंधन की ताकत तभी दिखेगी जब सभी दल एक ही बैनर के तले जमीन पर उतरकर संयुक्त रूप से बड़ा आंदोलन करें।
उद्धव ठाकरे ने बताया कि उनकी पार्टी शिवसेना आने वाली 4 तारीख को महाराष्ट्र में चुनाव आयोग के विरोध में एक बड़ा प्रदर्शन करेगी।
उन्होंने कहा कि अगर हमें चुनाव आयोग और मोदी सरकार का मजबूती से मुकाबला करना है, तो विपक्षी गठबंधन के सभी दलों को अलग-अलग काम करने के बजाय एक साथ आना होगा और पूरे देश में मिलकर आंदोलन चलाना होगा।
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