नई दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय ने 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़े एक मामले में उमर खालिद को उनकी मां की सर्जरी के मद्देनजर तीन दिन की अंतरिम जमानत दे दी है।
अदालत ने खालिद को 1 जून की सुबह 7 बजे से लेकर 3 जून की शाम 5 बजे तक के लिए राहत प्रदान की है, जिसके एवज में उन्हें एक लाख रुपये का निजी मुचलका भरना होगा।
जमानत की अवधि के दौरान खालिद को केवल राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में ही रहने का निर्देश दिया गया है। शर्तों के अनुसार, उन्हें अपने घर पर ही रहना होगा और केवल अस्पताल जाने की अनुमति होगी।
इससे पहले भी न्यायालय ने खालिद को कुछ पारिवारिक समारोहों के लिए जमानत दी थी, जिस दौरान उन्होंने सभी शर्तों का पूरी तरह पालन किया था।
हालांकि, अदालत ने उन्हें इस पूरे मामले के “मुख्य षड्यंत्रकारियों में से एक” के रूप में रेखांकित किया है, लेकिन मां की चिकित्सीय स्थिति को देखते हुए यह सीमित अंतरिम राहत दी गई है।
उल्लेखनीय है कि साल 2020 में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों के दौरान दिल्ली के पूर्वोत्तर इलाकों में बड़े पैमाने पर हिंसा और आगजनी भड़क उठी थी। इस भीषण हिंसा के दौरान करीब 53 लोगों की जान चली गई थी।
केंद्र सरकार के इन फैसलों के विरोध में आक्रोशित लोगों ने सड़कों पर प्रदर्शन किया था, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर हिंसा भड़काने समेत कई गंभीर आरोप लगाए थे।
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"राजा ज़ैद एक जाने-माने पत्रकार हैं। उन्हें देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ राजनीति और सामायिक विषयो की कवरेज का 15 वर्षो से अधिक का अनुभव है।