चुनावी सुधारों पर घमासान; युवाओं के वोटिंग अधिकार को लेकर भिड़ी कांग्रेस
नई दिल्ली: कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोलते हुए देश के युवा वर्ग Gen Z के वोट देने के अधिकार को लेकर एक बड़ा बयान जारी किया है। पार्टी ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के ऐतिहासिक कार्यकाल का विशेष रूप से उल्लेख किया।
कांग्रेस ने याद दिलाया कि साल 1988 में कांग्रेस सरकार ने ही एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए भारत में मतदान करने की न्यूनतम उम्र को 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष किया था।
पार्टी के अनुसार इसी बड़े फैसले की वजह से देश के करोड़ों युवाओं को भारतीय लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सीधे तौर पर अपनी हिस्सेदारी दर्ज कराने का एक मजबूत अधिकार मिला था।
कांग्रेस का केंद्र सरकार और पीएम मोदी पर आरोप
कांग्रेस ने मौजूदा केंद्र सरकार और पीएम मोदी आरोप लगाया कि जहां एक प्रधानमंत्री ने देश की युवा पीढ़ी को वोट देने का मजबूत अधिकार सौंपा, वहीं आज दूसरा प्रधानमंत्री विभिन्न और अप्रत्यक्ष तरीकों से युवाओं से वह अधिकार छीनने की कोशिश में लगा हुआ है।
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विपक्षी दल का यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश में चुनावी सुधारों पारदर्शिता और मतदाता सूचियों से जुड़ी चर्चाओं को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज बनी हुई है।
विपक्षी दल कांग्रेस का यह बयान ऐसे वक़्त में आया है जब देश में उस समय सामने आया है जब चुनावी सुधारों, पारदर्शिता और वोटर लिस्ट (मतदाता सूचियों) से जुड़े मुद्दों को लेकर देश भर में राजनीतिक हलचल बहुत ज्यादा तेज है।
कांग्रेस ने युवाओं के हक की बात करते हुए कहा कि राजीव गांधी सरकार द्वारा मतदान की उम्र कम किए जाने से ही युवा पीढ़ी को देश की राजनीति और सरकार चुनने की प्रक्रिया में सीधे तौर पर अपनी आवाज उठाने का अधिकार मिला था। इस बयान के जरिए पार्टी ने वर्तमान व्यवस्था पर निशाना साधते हुए चुनावी प्रक्रियाओं में निष्पक्षता बनाए रखने की पुरजोर मांग की है।
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