मंत्रिमंडल विस्तार: उमर कैबिनेट में मंगलवार को शामिल होंगे नए चेहरे, क्षेत्रीय संतुलन पर जोर
श्री नगर: जम्मू-कश्मीर की उमर अब्दुल्ला सरकार का पहला मंत्रिमंडल विस्तार मंगलवार सुबह 10:30 बजे श्रीनगर के लोकभवन में होगा। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा नए मंत्रियों को पद की शपथ दिलाएंगे। इस समारोह में नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला भी मौजूद रहेंगे।
सूत्रों के अनुसार, इस कैबिनेट विस्तार में क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए पुंछ, रामबन, कठुआ और उत्तरी कश्मीर को जगह दी जा सकती है। इसके साथ ही, मौजूदा विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर को कैबिनेट मंत्री बनाकर बड़े विभाग दिए जाने और उनकी जगह मुबारक गुल को नया स्पीकर बनाए जाने की उम्मीद है।
युवा और अनुभवी नेताओं को मौका
इनके अलावा कैबिनेट में शामिल होने वाले कश्मीर के जिन विधायकों का नाम सबसे ऊपर है उनमें सलमान सागर, नजीर गुरेजी, हिलाल अकबर लोन समेत तनवीर सादिक शामिल हैं।
जम्मू संभाग से दो नए चेहरे कैबिनेट में शामिल किए जा सकते हैं। इनमें पुंछ से एजाज अहमद जान और रामबन से अर्जुन सिंह राजू के नामों पर सबसे ज्यादा विचार चल रहा है। वहीं, कठुआ जिले की बनी विधानसभा सीट से निर्दलीय विधायक डॉ. रामेश्वर सिंह को भी मंत्री पद की जिम्मेदारी मिलने की पूरी संभावना जताई जा रही है।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शनिवार को उपराज्यपाल से मुलाकात कर मंत्रिमंडल विस्तार और बदलाव की अंतिम सूची सौंप दी है। उन्होंने उपराज्यपाल से शपथ ग्रहण समारोह के लिए समय भी मांगा है। साथ ही, उमर अब्दुल्ला ने विधायकों को सलाह दी है कि वे मंत्री बनने के लिए किसी से सिफारिश न करवाएं।
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इस प्रस्तावित फेरबदल में जम्मू क्षेत्र के मंत्रियों पर गाज गिर सकती है। मंत्री सतीश शर्मा और जावेद अहमद राणा को पद से हटाया जा सकता है, जबकि उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी के विभागों में कटौती हो सकती है। शपथ ग्रहण के बाद कई मंत्रियों के पोर्टफोलियो में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
मंत्रियों को नए सिरे से बांटे जा सकते हैं विभाग
शपथ ग्रहण के साथ मंत्रियों में विभागों का बंटवारा नए सिरे से हो सकता है। नए मंत्रियों को विभागों की जिम्मेदारी के साथ मौजूदा अधिकतम मंत्रियों के पोर्टफोलियो में बदलाव हो सकता है। कुछ प्रमुख विभागों को भी इस इधर से उधर किया जा सकता है।
सरकार गठन के दो साल बाद होने जा रहे इस कैबिनेट विस्तार में तीन नए चेहरों को जगह मिल सकती है। जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 के मुताबिक 90 सदस्यीय विधानसभा में मुख्यमंत्री समेत अधिकतम 9 मंत्री हो सकते हैं।
फिलहाल सीएम उमर अब्दुल्ला, डिप्टी सीएम सुरिंदर चौधरी और चार अन्य मंत्रियों समेत कुल 6 सदस्य मंत्रिमंडल में शामिल हैं, जिससे सरकार के पास अभी तीन और मंत्री बनाने का मौका है।
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