चेन्नई: पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के मामले में 31 साल जेल की सजा काटने वाले ए.जी. पेरारिवलन अब कानूनी गलियारों में एक नई भूमिका में नजर आएंगे। और पेरारिवलन ने मद्रास हाईकोर्ट में एक वकील के रूप में अपना नामांकन कराया है। अब वे औपचारिक रूप से ‘काला कोट’ पहनकर अदालत में वकालत करेंगे।
पेरारिवलन को मई 2022 में सुप्रीम कोर्ट ने अपनी विशेष शक्तियों (अनुच्छेद 142) का इस्तेमाल करते हुए जेल से रिहा किया था। रिहाई के बाद उन्होंने बेंगलुरु के डॉ. बी.आर. अंबेडकर लॉ कॉलेज से कानून की पढ़ाई पूरी की और साल 2025 में ऑल इंडिया बार एग्जामिनेशन पास किया।
नामांकन समारोह के दौरान 54 वर्षीय पेरारिवलन ने अपनी भविष्य की योजनाओं को लेकर कहा कि उनका उद्देश्य केवल एक नामचीन क्रिमिनल लॉयर बनना नहीं है, बल्कि वे उन कैदियों की आवाज बनना चाहते हैं जिन्हें उचित कानूनी सहायता नहीं मिल पाती। उन्होंने विशेष रूप से मानवाधिकारों और मृत्युदंड के खिलाफ काम करने की इच्छा जताई है।
यह बदलाव उनके जीवन के लिए ऐतिहासिक है, क्योंकि जिस कानूनी तंत्र में उन्होंने तीन दशक एक दोषी और अपीलकर्ता के रूप में बिताए, अब वे उसी तंत्र का हिस्सा बनकर दूसरों के लिए न्याय की पैरवी करेंगे।
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"राजा ज़ैद एक जाने-माने पत्रकार हैं। उन्हें देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ राजनीति और सामायिक विषयो की कवरेज का 15 वर्षो से अधिक का अनुभव है।