मेरठ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े और महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट, 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का भव्य उद्घाटन करेंगे। इस ऐतिहासिक कदम के साथ ही मेरठ से प्रयागराज के बीच की दूरी सिमट जाएगी।
और अब यह सफर महज 6 से 7 घंटे में पूरा किया जा सकेगा। लगभग ₹36,230 करोड़ की लागत से बना यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के 12 जिलों से होकर गुजरता है, जो पश्चिमी यूपी को सीधे पूर्वी यूपी की हृदयस्थली संगम नगरी से जोड़ता है।
यह एक्सप्रेसवे न केवल सफर की रफ्तार बढ़ाएगा बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए ‘ग्रोथ इंजन’ का काम भी करेगा। इसकी बनावट को 120 किमी/घंटा की रफ्तार के अनुकूल तैयार किया गया है और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। खास बात यह है कि शाहजहांपुर में एक 3.5 किलोमीटर लंबी हवाई पट्टी भी बनाई गई है, ताकि आपातकालीन स्थिति में वायुसेना के लड़ाकू विमानों की लैंडिंग कराई जा सके।
इस प्रोजेक्ट के शुरू होने से दिल्ली-एनसीआर और मेरठ के आसपास के इलाकों से प्रयागराज जाने वाले यात्रियों को अब लखनऊ या कानपुर के भीड़भाड़ वाले रास्तों से नहीं गुजरना होगा। इसके अलावा, एक्सप्रेसवे के किनारे विकसित होने वाले इंडस्ट्रियल क्लस्टर्स से लाखों लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
और कृषि उत्पादों को बड़ी मंडियों तक पहुंचाना आसान हो जाएगा। कल होने वाले इस उद्घाटन समारोह के साथ ही उत्तर प्रदेश अब भारत के सबसे आधुनिक एक्सप्रेसवे नेटवर्क वाले राज्य के रूप में अपनी स्थिति और भी मजबूत कर लेगा।
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"राजा ज़ैद एक जाने-माने पत्रकार हैं। उन्हें देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ राजनीति और सामायिक विषयो की कवरेज का 15 वर्षो से अधिक का अनुभव है।