बदरीनाथ मंदिर चढ़ावा विवाद: हेराफेरी के विरोध में कांग्रेस विधायक उपवास पर बैठे
बदरीनाथ मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी के विरोध में कांग्रेस विधायक लखपत बुटोला ने आज से मंदिर परिसर में अपने समर्थकों के साथ उपवास और शांतिपूर्ण प्रदर्शन शुरू कर दिया है
उत्तराखंड: बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे की रकम में कथित हेराफेरी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है, जिसके विरोध में बदरीनाथ के विधायक लखपत बुटोला ने मंगलवार को अपने समर्थकों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ मंदिर परिसर में उपवास शुरू कर दिया।
विधायक ने मामले की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच का दायरा अब दो जुलाई की घटना से आगे बढ़कर पिछले 40 दिनों की सीसीटीवी फुटेज तक पहुंच गया है।
बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने बताया कि मंदिर में उपलब्ध 40 दिनों की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग को सुरक्षित रखा गया है।
जांच टीम इन फुटेज का बारीकी से परीक्षण कर रही है ताकि यह पता चल सके कि चढ़ावे में गड़बड़ी केवल दो जुलाई को हुई थी या यह सिलसिला काफी समय से चल रहा था।
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मामले की जांच के लिए मंदिर में लगे 32 सीसीटीवी कैमरों की पड़ताल की जा रही है, जिसमें एक कैमरे की फुटेज में आरोपी कर्मचारी को मोबाइल फोन के साथ संदिग्ध वस्तु लेते हुए देखा गया है।
आरोपी अधिकारी की नियुक्ति और जिम्मेदारियों पर भी सवाल उठ रहे हैं। वह वर्ष 2003 से बीकेटीसी से जुड़ा था और 2014 में स्थायी हुआ था।
बदरीनाथ में यह उसकी पहली तैनाती थी, जहां उसे थाली भेंट गणना, प्रोटोकॉल नोडल अधिकारी और वीआईपी दर्शन जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं।
गौरतलब है कि जिस समय यह घटना हुई, उस समय गणना टीम के वरिष्ठ अधिकारी सेवानिवृत्त हो चुके थे और उनकी जगह किसी अन्य की नियुक्ति नहीं की गई थी, जिससे आरोपी अधिकारी की भूमिका प्रमुख बनी हुई है।
मंदिर समिति का कहना है कि जांच में जो भी अनियमितताएं सामने आएंगी, उन सभी जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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