कोर्ट में रील बनाने पर रोक, वकीलों के लिए नई आचार संहिता
बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने वकीलों, इंटर्न और कानून के छात्रों के लिए नया डिजिटल नियम जारी करते हुए अदालत परिसर में रील बनाने पर रोक लगा दी है, जिसका उल्लंघन करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी
नई दिल्ली: बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) ने वकीलों के लिए सोशल मीडिया और डिजिटल नैतिकता से जुड़े नए नियमों को लेकर एक महत्वपूर्ण सर्कुलर जारी किया है।
इसके तहत वकीलों, कानून के छात्रों और इंटर्न के कोर्टरूम या अदालत परिसर में सोशल मीडिया के लिए रील अथवा वीडियो बनाने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। इन नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
बीसीआई ने सभी राज्य बार काउंसिल को वकीलों के सोशल मीडिया इस्तेमाल और डिजिटल आचरण से जुड़े इन नए नियमों को तुरंत लागू करने का निर्देश दिया है।
17 जुलाई को जारी एक पत्र में बीसीआई ने सभी राज्य बार काउंसिल के अध्यक्ष और सचिवों से कहा कि इन दिशा-निर्देशों को वकीलों, लॉ फर्मों, बार एसोसिएशनों और कानूनी संस्थानों तक व्यापक रूप से पहुंचाया जाए ताकि इनका सख्ती से पालन सुनिश्चित हो सके।
इसके तहत नामांकन या नवीनीकरण के समय वकीलों से इन दिशा-निर्देशों का पालन करने का एक लिखित घोषणा-पत्र भी लिया जाएगा।
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नए नियमों के अनुसार, वकीलों को सोशल मीडिया पर अपना पेशेवर आचरण बनाए रखना होगा और अदालतों के खिलाफ अपमानजनक, भ्रामक या मानहानिकारक पोस्ट करने पर पूरी तरह रोक रहेगी।
साथ ही, मुवक्किल की गोपनीय जानकारी और अदालत की गोपनीय कार्यवाही को भी डिजिटल माध्यमों पर सार्वजनिक नहीं किया जा सकेगा।
बार काउंसिल ने वकीलों से डिजिटल मंचों पर अदालत की गरिमा बनाए रखने, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से तैयार सामग्री का अनैतिक उपयोग न करने और सभी ऑनलाइन संवाद को पेशे की नैतिक मर्यादा के अनुरूप रखने की अपील की है।
बीसीआई ने राज्य बार काउंसिल को निर्देश दिया है कि वे इन नियमों को अपनी वेबसाइट, सोशल मीडिया और नोटिस बोर्ड पर जारी करें तथा वेबिनार, कार्यशाला और जागरूकता कार्यक्रमों के जरिए वकीलों को इसकी जानकारी दें।
हालांकि, नए नियमों के तहत कानूनी शिक्षा से जुड़े छोटे वीडियो, रील, पॉडकॉस्ट क्लिप या पोस्ट साझा करने की इजाजत रहेगी, बशर्ते वे तथ्यात्मक, संतुलित और गोपनीयता का सम्मान करने वाले हों।
इसके अलावा, डिजिटल आचार संहिता से जुड़े मामलों और शिकायतों की निगरानी के लिए बीसीआई ने सभी बार काउंसिल और बार एसोसिएशन को एक सोशल मीडिया एथिक्स नोडल अधिकारी नियुक्त करने का भी निर्देश दिया है।
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