बांकीपुर उपचुनाव: नितिन नवीन और सम्राट चौधरी की प्रतिष्ठा दांव पर

बांकीपुर उपचुनाव: नितिन नवीन और सम्राट चौधरी की प्रतिष्ठा दांव पर

बांकीपुर उपचुनाव में बीजेपी के 40 स्टार प्रचारकों की भारी-भरकम फौज के सामने प्रशांत किशोर अकेले दम पर चुनावी मैदान संभाले हुए हैं

पटना: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव अब केवल एक सामान्य सीट की जंग नहीं, बल्कि बीजेपी की संगठनात्मक ताकत और जन सुराज प्रमुख प्रशांत किशोर के राजनीतिक वजूद की सीधी परीक्षा बन चुका है।

बिहार की भविष्य की राजनीति की दिशा तय करने वाले इस बेहद अहम मुकाबले के लिए दोनों ही पक्षों ने पूरी ताकत झोंक दी है।

बीजेपी जहां अपने पारंपरिक सवर्ण वोट बैंक को सहेजने की कोशिश में जुटी है, वहीं केवल इस एक उपचुनाव को जीतने के लिए पार्टी ने अपने 40 स्टार प्रचारकों की भारी-भरकम फौज को चुनावी मैदान में उतार दिया है।

प्रशांत किशोर अपने आक्रामक चुनाव प्रचार अभियान के दौरान मतदाताओं के बीच लगातार यह मुद्दा उठा रहे हैं कि वर्ष 2025 में सूबे की जनता ने नीतीश कुमार के नेतृत्व को जनादेश दिया था, लेकिन बीजेपी ने खेल करते हुए सत्ता हासिल कर ली।

इसके साथ ही वे वर्तमान सम्राट चौधरी सरकार पर लगातार भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगा रहे हैं और बांकीपुर की जनता से व्यवस्था परिवर्तन के लिए वोट करने की अपील कर रहे हैं।

दूसरी ओर, बीजेपी और उसके समर्थक भी पीछे नहीं हैं; वे सोशल मीडिया से लेकर जमीनी पोस्टरों के जरिए प्रशांत किशोर और उनकी पार्टी जन सुराज पर लगातार तीखे राजनीतिक हमले कर रहे हैं।

हालांकि, इनमें से कुछ पोस्टरों को लेकर सोशल मीडिया यूजर्स खुद बीजेपी की रणनीति पर भी सवाल खड़े कर रहे हैं।

इस उपचुनाव में बीजेपी की शुरुआती रणनीति काफी चर्चा में रही है, जहां पार्टी ने पहले अचानक अपना उम्मीदवार बदला और फिर प्रत्याशी के कुछ बयानों के चलते उसे सोशल मीडिया पर सफाई और बहस का सामना करना पड़ा।

इन तमाम चुनौतियों के बीच बीजेपी ने अपनी पूरी ताकत इस सीट को बचाने में लगा दी है। पार्टी की ओर से जारी स्टार प्रचारकों की फेहरिस्त में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े जैसे दिग्गज नेताओं के नाम शामिल हैं।

आम तौर पर इतने बड़े स्तर का प्रचार अभियान मुख्य विधानसभा चुनावों में ही देखा जाता है, लेकिन केवल एक सीट के उपचुनाव के लिए दिग्गजों की यह तैनाती दर्शाती है कि बीजेपी के लिए यह सीट कितनी साख का विषय बन चुकी है।

बीजेपी की इस विशाल प्रचार मशीनरी और मजबूत सांगठनिक ढांचे के मुकाबले जन सुराज के मुखिया प्रशांत किशोर अकेले ही मैदान संभाले हुए हैं।

उनके पास किसी बड़े स्टार प्रचारक की फौज नहीं है और वे खुद ही अपनी पार्टी के मुख्य रणनीतिकार और वक्ता के रूप में जनता के बीच जा रहे हैं।

राजनीतिक गलियारों में अब सबसे बड़ा सवाल यही तैर रहा है कि क्या प्रशांत किशोर अपनी इस ‘वन मैन आर्मी’ छवि के दम पर बीजेपी के इस अभेद्य किले और उसके दिग्गज नेताओं को शिकस्त दे पाएंगे।

यही कौतूहल बांकीपुर के इस चुनावी मुकाबले को बिहार की राजनीति का सबसे दिलचस्प अध्याय बना रहा है।


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Mehak B