भरत तिवारी एनकाउंटर: अभिषेक मनु सिंघवी ने उठाए सवाल, निष्पक्ष जांच की मांग
वरिष्ठ वकील और कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले पर सवाल उठाए। उन्होंने निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग करते हुए कानून के सही पालन पर जोर दिया
नई दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और प्रख्यात वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने भोजपुर में हुए भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए एक निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी बात रखते हुए सिंघवी ने कहा कि अगर कोई नागरिक कैमरे के सामने सरेंडर करता हुआ नजर आए और बाद में एनकाउंटर में मारा जाए, तो सरकार की जवाबदेही और स्थिति को स्पष्ट करने की जिम्मेदारी काफी बढ़ जाती है।
उन्होंने जोर दिया कि लोकतंत्र में कानून का राज और न्यायिक प्रक्रिया का पालन सबसे महत्वपूर्ण है।
सिंघवी के मुताबिक, असली कसौटी यह है कि हर व्यक्ति के लिए कानून की सही प्रक्रिया का पालन कितनी ईमानदारी से किया जाता है, और जनता का भरोसा बनाए रखने के लिए इस मामले के सभी तथ्यों को सामने लाना बेहद जरूरी है।
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अभिषेक मनु सिंघवी के इस बयान और मामले की संवेदनशीलता के बीच, बिहार सरकार ने इस मुठभेड़ की न्यायिक जांच कराने का बड़ा फैसला लिया है।
अधिकारियों द्वारा शनिवार (20 जून 2026) को दी गई जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट के जरिए ऐलान किया है कि भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौती गांव निवासी भरत भूषण तिवारी की बुधवार को पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ की स्वतंत्र न्यायिक जांच उच्च न्यायालय के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की देखरेख में कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि इस न्यायिक जांच के माध्यम से घटना के सभी पहलुओं की निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ गहन पड़ताल सुनिश्चित हो सकेगी।
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