भोजशाला नमाज स्थल विवाद: रहवासियों का विरोध, पुश्तैनी हक के दावे पेश
धार की भोजशाला कमाल मौलाना दरगाह परिसर के पास जुमे की नमाज के लिए प्रशासन और मुस्लिम समाज के बीच हुई बैठक के बाद अब खसरा नंबर 611 और 612 को नया नमाज स्थल तय किया गया है जिसका स्थानीय निवासियों द्वारा विरोध भी शुरू हो गया है
नई दिल्ली: धार की भोजशाला-कमाल मौलाना दरगाह परिसर के निकट जुम्मे की नमाज के लिए स्थान को लेकर प्रशासन और मुस्लिम समाज के बीच हुई बैठक में जगह तय कर ली गई है। पहले जहां खसरा नंबर 596 पर नमाज अदा करने की बात कही जा रही थी, वहीं अब समाज के लोग खसरा नंबर 611 और 612 पर नमाज पढ़ सकेंगे, जो भोजशाला परिसर की बाउंड्रीवॉल से सटी हुई है और इस स्थान से कमाल मौलाना मस्जिद सीधे दिखाई देती है।
मुस्लिम समाज का कहना था कि प्रशासन द्वारा पहले प्रस्तावित जगह पर नमाज पढ़ना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं था। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान स्थिति स्पष्ट होने के बाद, कलेक्टर राजीव रंजन मीणा, एसपी सचिन शर्मा और शहर काजी वकार सादिक, सदर अब्दुल समद सहित समाज के वरिष्ठों के बीच हुई बैठक में यह सहमति बनी।
हालांकि, नए स्थान के चयन को लेकर विरोध भी शुरू हो गया है। क्षेत्र के रहवासियों को जब इसकी सूचना मिली तो वे देर रात प्रशासनिक अधिकारियों के पास पहुंचे और बताया कि उक्त दोनों खसरा नंबरों पर उनका पुस्तैनी हक है। इस पर प्रशासन ने रहवासियों को शुक्रवार दोपहर 12 बजे तक जमीन से संबंधित सभी दस्तावेज पेश करने का निर्देश दिया है।
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स्थानीय रहवासी व कांग्रेस नेता अभिनव बिजवा ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन उनकी जमीन को समतल करने या अन्य कोई कार्रवाई के लिए पहुंचता है, तो वे इसका कड़ा विरोध करेंगे और जरूरत पड़ने पर अदालत का दरवाजा भी खटखटाएंगे।
कमल मौलाना वेलफेयर सोसायटी के प्रतिनिधि अब्दुल समद ने बताया कि बारिश के कारण नमाज स्थल पर कीचड़ हो गया है और वहां खेती भी की जा रही है, जिसे देखते हुए प्रशासन से वहां सुरक्षित पहुंच मार्ग तैयार करने, वजू के लिए पानी, सुरक्षा और यातायात की व्यवस्था कराने का अनुरोध किया गया है।
शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने कड़े कदम उठाते हुए शुक्रवार को चप्पे-चप्पे पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है, जिसमें एएसपी, सीएसपी, डीएसपी और एसडीओपी रैंक के अधिकारियों समेत कुल 350 जवानों का बल ड्यूटी पर मुस्तैद है।
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