कैबिनेट फेरबदल: विवादों के बाद भी क्यों सुरक्षित है धर्मेंद्र प्रधान की कुर्सी
NEET-UG पेपर लीक विवाद के कारण सोशल मीडिया और सड़कों पर इस्तीफे की मांग के बावजूद, अपने शानदार रिकॉर्ड, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के प्रभावी क्रियान्वयन और शीर्ष नेतृत्व के साथ मजबूत केमिस्ट्री के चलते धर्मेंद्र प्रधान के मोदी कैबिनेट से हटाए जाने की संभावना बेहद कम है
नई दिल्ली: नरेंद्र मोदी कैबिनेट में फेरबदल की अटकलों के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाए जाने के कयास लगाए जा रहे हैं। इन चर्चाओं का मुख्य आधार पिछले दिनों हुआ NEET-UG पेपर लीक मामला है, जिसे लेकर सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक विपक्ष, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक द्वारा उनके इस्तीफे की मांग की जा रही है।
हालांकि, इस बात की संभावना बेहद कम है कि उन्हें पद से हटाया जाएगा या उनका मंत्रालय बदला जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आमतौर पर विपक्ष या आंदोलनकारियों के दबाव में आकर मंत्रियों को नहीं हटाते हैं; पूर्व में एम.जे. अकबर का इस्तीफा ‘मी टू’ आंदोलन के व्यक्तिगत आरोपों के कारण हुआ था, जो मौजूदा प्रशासनिक मामले से अलग था।
इसके अलावा, सोनम वांगचुक का पिछला लद्दाख आंदोलन भी सरकार द्वारा नियंत्रित किया जा चुका है, इसलिए सरकार इस दबाव के आगे झुकेगी, इसकी उम्मीद न के बराबर है।
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धर्मेंद्र प्रधान को पद पर बनाए रखने की एक बड़ी वजह यह भी है कि वे सरकार और संगठन के एजेंडे को प्रभावी ढंग से लागू कर रहे हैं। हाल ही में उनके नेतृत्व में एनसीईआरटी की किताबों में आपातकाल जैसे विषयों को शामिल करने और गुजरात दंगों व मुगल इतिहास से जुड़े कुछ अंशों को हटाने जैसे बड़े बदलाव किए गए हैं।
इसके साथ ही, 26 जून को धर्मेंद्र प्रधान के जन्मदिन पर प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) को लागू करने में उनके प्रयासों की सराहना कर स्थिति स्पष्ट कर दी थी।
जहां तक पेपर लीक का सवाल है, यह एक पुरानी और व्यवस्थागत समस्या रही है, जिसमें 2002 से 2025 के बीच करीब 45 बड़े मामले सामने आ चुके हैं और अमूमन इनमें किसी बड़े अधिकारी या मंत्री पर गाज नहीं गिरती। वर्ष 2014 से ही ‘मोदी-शाह के हनुमान’ और एक परफॉर्मर के रूप में अपनी छवि बनाए रखने वाले धर्मेंद्र प्रधान की शीर्ष नेतृत्व के साथ बेहतरीन केमिस्ट्री है, जिसके चलते उनका मंत्री पद सुरक्षित दिखाई देता है।
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