वेणुगोपाल के खिलाफ अभद्र पोस्ट पर केस, पांच लोगों के खिलाफ FIR दर्ज
नई दिल्ली: कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल के खिलाफ सोशल मीडिया पर गलत अफवाहें फैलाने और साइबर हमला करने के आरोप में अलप्पुझा साइबर क्राइम पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
पुलिस ने यह कानूनी कार्रवाई कांग्रेस नेता और एडवोकेट जॉनसन अब्राहम द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर की है।
जांच अधिकारियों के अनुसार आरोपियों और उनके द्वारा किए गए आपत्तिजनक पोस्ट की पूरी जानकारी जुटा ली गई है और पुलिस जल्द ही आरोपियों को नोटिस भेजकर पूछताछ की प्रक्रिया शुरू करेगी।
के.सी. वेणुगोपाल पर अभद्र टिप्पणी के मामले में FIR दर्ज
अलप्पुझा साइबर क्राइम पुलिस ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव के.सी. वेणुगोपाल के खिलाफ फेसबुक पर बेहद आपत्तिजनक और अपमानजनक बातें लिखने के आरोप में पांच लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इन आरोपियों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कांग्रेस नेता की छवि को नुकसान पहुंचाने के इरादे से लगातार कई भ्रामक और विवादित पोस्ट शेयर किए थे। पुलिस ने सभी विवादित पोस्ट के स्क्रीनशॉट और डिजिटल सबूतों को अपने कब्जे में ले लिया है और आरोपियों की तलाश तेज कर दी है।
पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने कथित तौर पर 11 मई से 19 जुलाई के बीच अलग-अलग तारीखों पर कांग्रेस नेता वेणुगोपाल को निशाना बनाते हुए अपमानजनक और आपत्तिजनक पोस्ट किए. इनका मकसद नफरत फैलाना और सार्वजनिक शांति भंग करना था
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बताया जा रहा है कि इन पांचों पर भारतीय न्याय संहिता BNS और केरल पुलिस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
इन पर दुश्मनी पैदा करने या बढ़ावा देने के इरादे से गलत जानकारी फैलाने दंगा भड़काने के इरादे या जानकारी के साथ जानबूझकर या दुर्भावनापूर्ण तरीके से गैर-कानूनी उकसावा देने और उपद्रव मचाने का आरोप है।
जयराम रमेश की मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने चुनाव आयोग से वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरिक्षण SIR को तुरंत रोकना की मांग की है। शनिवार को चुनाव आयोग ने एक बयान के बाद जय राम रमेश ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे या उनके खिलाफ कानून कार्रवाई अभियोजन की मांग की।
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग का बयान वोटर लिस्ट में हुई गड़बड़ियों और मतदाताओं के नाम हटाए जाने जैसे गंभीर सवालों का जवाब देने में पूरी तरह नाकाम रहा है।
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