चुनावी हेरफेर और एजेंसियों के दुरुपयोग पर विपक्ष का बड़ा कदम; CJI को लिखा पत्र
23 विपक्षी दलों ने सीजेआई सूर्यकांत को पत्र लिखकर चुनावी प्रक्रिया में हेरफेर, केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग और निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर गंभीर चिंता जताई है
नई दिल्ली: देश में चुनावी प्रक्रिया और केंद्रीय एजेंसियों के कथित दुरुपयोग को लेकर कांग्रेस, सपा, टीएमसी, डीएमके और आप सहित 23 विपक्षी दलों ने सीजेआई सूर्यकांत और सुप्रीम कोर्ट के अन्य जजों को एक संयुक्त पत्र लिखकर गंभीर चिंता जताई है।
विपक्ष का दावा है कि हालिया चुनावों के नतीजे ‘जनता की इच्छा’ को नहीं दर्शाते और दिल्ली, हरियाणा व महाराष्ट्र के चुनावों में हेरफेर किया गया था।
पत्र में आरोप लगाया गया है कि ईडी, सीबीआई और एनआईए जैसी जांच एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्ष को निशाना बनाने, चुनी हुई सरकारों को गिराने और चुनावी नतीजों को प्रभावित करने के लिए किया जा रहा है।
इसके साथ ही, विपक्ष ने चुनाव आयोग में नियुक्तियों पर सवाल उठाते हुए मांग की है कि जहां भी उचित हो, वहां पेपर बैलेट वोटिंग सिस्टम को फिर से लागू करने पर विचार किया जाए।
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इस पत्र में विपक्षी दलों ने बिहार, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु जैसे राज्यों में चुनाव से ठीक पहले कराए गए स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) को पूरी तरह गैर-जरूरी बताया है।
बिहार में बांग्लादेशी घुसपैठ के नाम पर वोटर लिस्ट के सैनिटाइजेशन के तर्क को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि इसका कोई सार्वजनिक डेटा मौजूद नहीं है।
विपक्ष ने मांग की है कि 2027 के आगामी चुनावों से पहले अन्य राज्यों में होने वाली SIR प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगाई जाए और इसे चुनाव से कम से कम 5 साल पहले ही किया जाना चाहिए।
न्यायपालिका से हस्तक्षेप की गुहार लगाते हुए पत्र में कहा गया है कि जब सब कुछ विफल हो जाता है तो लोग न्यायपालिका पर भरोसा करते हैं, और अगर वह भी जवाब देने में विफल रही तो यह गणतंत्र के पूरी तरह टूटने का संकेत होगा।
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