CEC विवाद: मुंबई से दिल्ली तक बड़ा सियासी मोर्चा: पुलिसिया पाबंदी के बीच टकराव के आसार
नई दिल्ली: मुंबई के शिवाजी पार्क से कॉकरोच जनता पार्टी आज मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरोध में अपना मोर्चा खोलने जा रही है। इस आंदोलन के जरिए संगठन की स्पष्ट मांग है कि मुख्य चुनाव आयुक्त को तुरंत पदमुक्त किया जाए और उनके खिलाफ आपराधिक केस दर्ज हो।
CJP के मुख्य रणनीतीकार अभिजीत दीपके पिछले कई दिनों से लगातार ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे पर जोर दे रहे है जिसके कारण अब यह पूरा विवाद सड़क पर उतर आया है।
मुंबई पुलिस द्वारा शिवाजी पार्क में प्रदर्शन की अनुमति न मिलने के बावजूद सीजेपी (CJP) ने वहीं विरोध प्रदर्शन करने की जिद पकड़ी है और मुंबई के बाद देश के छह अन्य शहरों में प्रदर्शन कर अक्टूबर के अंत में दिल्ली के जंतर-मंतर पर इस अभियान का समापन करने की घोषणा की है।
संगठन की मुख्य मांगें और गंभीर आरोप
संगठन ने एसआईआर (SIR) के तहत तैयार मतदाता सूची पर रोक लगाने और मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की मांग करते हुए 2024 के बाद मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम काटे जाने का आरोप लगाया है।
दूसरी ओर, दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी आज 2 अक्टूबर की सुबह 11 बजे एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन का आह्वान किया गया है, जिसके लिए नेहा बोरा, योगेंद्र यादव, मनोज झा और प्रशांत भूषण जैसे नेताओं ने अपील की है।
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हालांकि, दिल्ली पुलिस ने भी जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार करते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं और करीब 3,000 से 4,000 लोगों के जुटने की संभावना के मद्देनजर भारी पुलिस बल के साथ सीएपीएफ कर्मियों को तैनात कर बैरिकेडिंग कर दी है।
आम आदमी पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 2 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक बड़े प्रदर्शन का आह्वान किया है। इस आंदोलन का समर्थन करते हुए मनीष सिसोदिया ने जनता से भारी संख्या में पहुंचने की अपील की है।
पार्टी के राजयसभा सांसद संजय सिंह ने आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग ने देश भर में 13 करोड़ से अधिक वोटरों के नाम मतदाता सूचि से हटा दिए है। वही दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने दावा किया है कि केंद्र सरकार मुख्य चुनाव आयुक्त के जरिए आम जनता का वोट देने का संवैधानिक अधिकार छीनने की कोशिश कर रही है।
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