मंदिर प्रबंधन और ट्रस्ट के लगातार संपर्क में चंपत राय

मंदिर प्रबंधन और ट्रस्ट के लगातार संपर्क में चंपत राय

चंपत राय के इस्तीफा देने के एक महीने बाद भी राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव पद पर जमे हुए है, और मंदिर प्रबंधन में उनकी लगातार सक्रियता चर्चा का विषय बने हुए है

अयोध्या: चंपत राय ने राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी का मामला सामने आने के बाद महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया था। उनके इस्तीफे को करीब एक महीना हो चुका है, लेकिन वे अभी भी अयोध्या में ही डटे हुए हैं।

पद पर न होने के बावजूद मंदिर प्रबंधन से जुड़े मामलों में उनकी सक्रियता कम नहीं हुई है, और ट्रस्ट के कई सदस्य अब भी उनसे मुलाकात कर राय-मशवरा कर रहे हैं।

महासचिव कृष्ण मोहन भी लगातार चंपत राय के संपर्क में

सूत्रों के मुताबिक, अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन भी लगातार चंपत राय के संपर्क में हैं और मंदिर प्रबंधन के कई मामलों में उनसे सलाह लेते हैं। उनकी सलाह के आधार पर ही आगे की कार्रवाई किए जाने की बात भी सामने आ रही है, हालांकि ट्रस्ट की ओर से चंपत राय की मौजूदा भूमिका को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। यह जरूर है कि वह अब मंदिर नहीं जा रहे हैं।

इसी बीच, विश्व हिंदू परिषद के महामंत्री बजरंग लाल बांगड़ा भी अयोध्या पहुंचे और उन्होंने चंपत राय से मुलाकात की। मंदिर ट्रस्ट के महासचिव पद के लिए बजरंग लाल बांगड़ा का नाम भी प्रमुखता से चर्चा में है, जिससे उनकी यह मुलाकात बेहद अहम मानी जा रही है और ट्रस्ट में नए महासचिव के नाम को लेकर लगातार मंथन चल रहा है।

दूसरी ओर, एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट में चंपत राय के नाम का कहीं जिक्र नहीं था, हालांकि उसमें यह जरूर लिखा था कि ट्रस्ट के सभी पदाधिकारी व कर्मचारी जिम्मेदार हैं।

सूत्रों का कहना है कि एसआईटी की विस्तृत जांच के बाद चंपत राय को क्लीनचिट मिल सकती है, जिसकी उन्हें पूरी उम्मीद है और उन्होंने अपने कुछ करीबियों से इसकी चर्चा भी की है।

फिलहाल, चंपत राय की अयोध्या में मौजूदगी और ट्रस्ट के लोगों से उनकी लगातार मुलाकातों ने यह सवाल जरूर खड़ा कर दिया है कि आधिकारिक पद छोड़ने के बाद भी मंदिर प्रबंधन में उनकी पकड़ और भूमिका कितनी अधिक बनी हुई है।


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Mehak B