पेपर लीक पर PM के संदेश पर कांग्रेस का वार: ‘जवाबदेही से भाग रही सरकार’

पेपर लीक पर PM के संदेश पर कांग्रेस का वार: ‘जवाबदेही से भाग रही सरकार’

पेपर लीक मामले में पीएम मोदी के वीडियो संदेश के बाद कांग्रेस ने निशाना साधते हुए कहा कि सरकार ने छात्रों के विरोध प्रदर्शन, पुलिस कार्रवाई और मुख्य जवाबदेही पर चुप्पी साध ली है

 

नई दिल्ली: नीट-यूजी और अन्य परीक्षाओं में पेपर लीक के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जारी वीडियो संदेश के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।

शुक्रवार को कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने दो महीने की लंबी चुप्पी तोड़ने के बावजूद अपनी जवाबदेही तय करने की इच्छा नहीं दिखाई।

कांग्रेस का कहना है कि पीएम ने अपने संदेश में न तो शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों का जिक्र किया और न ही 20 जुलाई को उन पर हुई पुलिसिया कार्रवाई की बात की।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर कहा कि केवल बड़ी बातें करने से समस्या हल नहीं होगी।

समाधान के लिए उन्होंने तीन प्रमुख मांगे रखीं-शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाना, छात्रों पर लाठीचार्ज करने वालों को सजा देना और सरकार द्वारा सार्वजनिक रूप से माफी मांगना।

उन्होंने याद दिलाया कि सरकार और शिक्षा मंत्रालय लंबे समय तक पेपर लीक से इनकार करते रहे थे, लेकिन जनता के भारी आक्रोश के कारण अंततः उन्हें सच्चाई स्वीकार करनी पड़ी।

रमेश ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की जांच पर भी सवाल उठाए और कहा कि 2024 के हजारीबाग नीट लीक मामले और यूजीसी-नेट की क्लोजर रिपोर्ट से साबित होता है कि सरकार दोषियों को बचाने में लगी है।

दूसरी तरफ, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने वीडियो संदेश में घोषणा की थी कि पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए अगले सप्ताह संसद में एक सख्त कानून वाला विधेयक पेश किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि इस विधेयक के मसौदे पर केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में चर्चा कर इसे अंतिम रूप दिया जाएगा।

पीएम ने माना कि पेपर लीक से लाखों छात्रों और अभिभावकों को भारी पीड़ा होती है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने तुरंत कड़े कदम उठाते हुए दोषियों को जेल भेजा और 22 लाख छात्रों का साल खराब होने से बचाने के लिए पुनः परीक्षा आयोजित कराई।

प्रधानमंत्री के इस रुख पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी पलटवार किया।

उन्होंने आरोप लगाया कि पीएम मोदी ने इस ‘आधी रात के वीडियो’ के जरिए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के मुख्य मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश की है।

राहुल गांधी ने कहा कि सरकार को ऐसे बयानों से प्रदर्शनकारी छात्रों और अभ्यर्थियों की समझ का अपमान नहीं करना चाहिए।

 

 


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Mehak B