भगवान कृष्ण पर टिप्पणी पर भड़के संत विष्णु दास, जीभ काटने पर दस लाख देने का किया विवादित एलान
अयोध्या के संत विष्णु दास ने भगवान श्री कृष्ण को मुस्लिम बताने वाले मौलाना जर्जिस अंसारी की जीभ काटने वाले को 10 लाख रुपये इनाम देने का खुला ऐलान किया है
उत्तर प्रदेश: अयोध्या से एक मौलाना के विवादित बयान के बाद सियासत और संत समाज में हंगामा मच गया है।
दरअसल, इटावा के मौलाना जर्जिस अंसारी के एक पुराने भाषण का वीडियो सामने आया है, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि भगवान श्री कृष्ण मुस्लिम थे और दिन में पांच बार नमाज पढ़ते थे।
मौलाना के इस बयान पर हिंदू संगठन और संत समाज बेहद भड़क उठे हैं।अयोध्या के संत विष्णु दास ने इस बयान की तीखी निंदा करते हुए एक विवादित घोषणा कर दी है कि जो कोई भी मौलाना जर्जिस अंसारी की जीभ काटकर लाएगा, उसे वे 10 लाख रुपये का नकद इनाम देंगे।
संत विष्णु दास का कहना है कि मौलाना ने भगवान कृष्ण के करोड़ों भक्तों की धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि मौलाना को संस्कृत का एक शब्द भी नहीं आता और वह भगवद गीता के श्लोकों का गलत अर्थ निकाल रहा है।
इसके साथ ही उन्होंने मौलाना के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने की मांग की और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि वे खुद को यदुवंशी बताते हैं, लेकिन इस बयान के खिलाफ एक शब्द भी नहीं बोल रहे हैं।
मौलाना के विवादित बयान पर नाराजगी जताने के साथ-साथ संत विष्णु दास ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना की टिप्पणी पर भी असहमति जताई है।
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सतीश महाना ने बयान दिया था कि केवल उन्हीं लोगों का पैसा चोरी हुआ है जिन्होंने सच्ची आस्था और श्रद्धा के साथ दान नहीं दिया था।
इस पर पलटवार करते हुए संत विष्णु दास ने कहा कि वे इस बात से बिल्कुल सहमत नहीं हैं, क्योंकि मंदिर जाने वाला हर व्यक्ति चाहे एक रुपया चढ़ाए या ज्यादा, वह पूरी श्रद्धा के साथ ही भगवान को अर्पित करता है।
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सतीश महाना ने खुद अपना दान सच्ची श्रद्धा से दिया था? उन्होंने इस तरह के बयानों को पूरी तरह अनुचित बताया।
इसके अलावा, कांवड़ यात्रा को लेकर उत्तर प्रदेश पुलिस और प्रशासन द्वारा की गई कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की संत विष्णु दास ने जमकर सराहना की और इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का धन्यवाद किया।
उन्होंने कहा कि सनातन परंपराओं में पवित्रता का बहुत महत्व है और कांवड़िए पूरी आस्था के साथ यह यात्रा करते हैं।
पूर्व में ऐसे कई मामले सामने आए हैं जहां कुछ असामाजिक और कट्टरपंथी तत्वों ने खाने-पीने की चीजों में थूककर या ‘गणेश ढाबा’ व ‘शिव ढाबा’ जैसे हिंदू नाम रखकर कांवड़ियों को मांसाहारी खाना परोसा, जिससे उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुईं।
संत विष्णु दास के मुताबिक, इन्हीं हरकतों को रोकने के लिए मुख्यमंत्री द्वारा उठाया गया यह कदम बेहद सराहनीय और जरूरी है।
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