विजयन और YSRCP की याचिकाओं पर आज सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट की एक विशेष पीठ 21 अक्टूबर को दो अहम मामलों पर सुनवाई करेगी, जिसमें केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की सीएमआरएल रिश्वत मामले से जुड़ी याचिका और वाईएसआरसीपी की याचिका शामिल है।
जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ वाईएसआरसीपी की उस याचिका पर सुनवाई करेगी, जिसमें आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई है जिसमें नामांकन की समयसीमा एक दिन बढ़ाने से इनकार कर दिया गया था।
वाईएसआरसीपी का आरोप है कि राज्य में हिंसा के कारण उसके उम्मीदवार शहरी निकाय चुनाव के लिए नामांकन दाखिल नहीं कर सके।
पार्टी ने उम्मीदवारों को पुलिस सुरक्षा देने, नामांकन की समयसीमा बढ़ाने और अतिरिक्त व वैकल्पिक नामांकन केंद्र बनाने की मांग की है, ताकि उम्मीदवार सुरक्षित तरीके से अपने पर्चे दाखिल कर सकें। पार्टी के महासचिव लेल्ला अप्पिरेड्डी ने वकील महफूज अहसान नाजकी के माध्यम से याचिका दायर की है।
इसमें आरोप लगाया गया है कि 16 से 18 अक्तूबर के बीच नामांकन प्रक्रिया के दौरान पार्टी के कई उम्मीदवारों पर हमला किया गया और उन्हें नामांकन केंद्रों तक पहुंचने से शारीरिक रूप से रोका गया। हाईकोर्ट ने समयसीमा बढ़ाने की मांग खारिज करते हुए कहा था कि नामांकन की अंतिम तारीख समाप्त हो चुकी है और इसे बढ़ाना चुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने जैसा होगा।
सीएमआरएल रिश्वत मामला
सुप्रीम कोर्ट की विशेष पीठ केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन, उनकी बेटी वीणा टी और उनके पति पीए मोहम्मद रियास की याचिकाओं पर भी सुनवाई करेगी।
ये याचिकाएं कथित कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) रिश्वत मामले में एफआईआर दर्ज करने के आदेश के खिलाफ अपील दायर करने की अनुमति से जुड़ी हैं।
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केरल हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और उनके परिवार की याचिकाएं खारिज करते हुए बड़ा फैसला दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार के मामलों में आरोपी को एफआईआर (FIR) दर्ज होने से पहले सुनवाई का कोई कानूनी अधिकार नहीं है।
विजयन और उनके परिजनों ने दलील दी थी कि एकल न्यायाधीश ने उनका पक्ष सुने बिना ही सतर्कता ब्यूरो को एफआईआर दर्ज करने का आदेश दे दिया था।
केरल हाईकोर्ट के निर्देश और प्रवर्तन निदेशालय (ED) की रिपोर्ट के आधार पर विजयन और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ कथित सीएमआरएल रिश्वत मामले में दो एफआईआर दर्ज की गई हैं।
एजेंसी का आरोप है कि सीएमआरएल ने वीणा की कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस को आईटी परामर्श सेवाओं के नाम पर 2.78 करोड़ रुपये का धोखाधड़ीपूर्ण भुगतान किया था। सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट के अनुसार, दशहरा अवकाश के दौरान एक विशेष पीठ इन मामलों की सुनवाई करेगी।
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