धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की माँग: संसद पहुँच रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने खदेड़ा
शिक्षा मंत्री के इस्तीफ़े और NEET सुधार की माँग पर संसद मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने किया लाठीचार्ज, जंतर-मंतर पर तनाव
नई दिल्ली: NEET धांधली और युवाओं के मुद्दों को लेकर दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान भारी हंगामा और तनाव की स्थिति बनी रही।
जंतर-मंतर और संसद मार्ग के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई, जहाँ प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प में एक सब-इंस्पेक्टर घायल हो गया। पुलिस के अनुसार बैरिकेड के पास खड़े जवानों पर प्रदर्शनकारियों की ओर से पत्थरबाजी की गई।
स्थिति को देखते हुए एहतियातन बंद किए गए जनपथ और पटेल चौक मेट्रो स्टेशनों के गेट बाद में दोबारा खोल दिए गए।
इस विरोध प्रदर्शन को राजनीतिक दलों का भी भारी समर्थन मिला। आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया, सांसद संजय सिंह और आतिशी बैरिकेडिंग कूदकर प्रदर्शनकारियों के बीच पहुँचे।
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वहीं, समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार बच्चों की बात सुनने के बजाय उन पर लाठियाँ बरसा रही है। उन्होंने NEET परीक्षा में गड़बड़ी और बेरोजगारी के लिए सरकार की जवाबदेही तय करने की माँग की।
दूसरी ओर, CJP के प्रतिनिधियों और जेपी नड्डा के बीच वार्ता का दौर भी चला, जिसमें सोनम वांगचुक की रिहाई, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और NEET पीड़ितों के लिए मुआवजे की माँग रखी गई, जिस पर उन्होंने विचार करने का आश्वासन दिया।
इसके अतिरिक्त, CJP प्रवक्ता सौरव दास ने स्पष्ट किया कि अभिजीत दीपके को हिरासत या गिरफ्तार नहीं किया गया है, जबकि केरल हाउस के बाहर भारी संख्या में लोग डटे रहे।
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