बंगाल में ‘दीदी’ का शासन समाप्त: राज्यपाल ने भंग की विधानसभा, ममता कैबिनेट बर्खास्त
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कोलकाता: पश्चिम बंगाल में राजनीतिक ड्रामा अपने चरम पर पहुँच गया है। विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की करारी शिकस्त के बाद भी जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस्तीफा देने से इनकार कर दिया, तो राज्यपाल आर.एन. रवि ने एक कड़ा संवैधानिक कदम उठाया।
राज्यपाल ने संविधान के अनुच्छेद 174(2)(b) के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए 7 मई 2026 की मध्यरात्रि से पश्चिम बंगाल विधानसभा को भंग कर दिया है। इसके साथ ही ममता बनर्जी की पूरी कैबिनेट को बर्खास्त कर दिया गया है, जिससे वह अब आधिकारिक तौर पर राज्य की मुख्यमंत्री नहीं रही हैं।
हालिया चुनावों में बीजेपी ने 294 में से 207 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया है, जबकि TMC महज 80 सीटों पर सिमट गई। ममता बनर्जी ने इन नतीजों को ‘साजिश’ और ‘वोटों की लूट’ बताते हुए पद छोड़ने से मना कर दिया था, जिसके कारण यह संवैधानिक संकट पैदा हुआ।
राज्य में अब बीजेपी की पहली सरकार बनने का रास्ता साफ हो गया है। सुवेंदु अधिकारी, जिन्होंने ममता बनर्जी को उनके गढ़ भवानीपुर में मात दी है, मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे हैं।
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9 मई को कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह प्रस्तावित है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज कोलकाता पहुँच रहे हैं, जहाँ वह नवनिर्वाचित विधायकों के साथ बैठक कर नेता का चुनाव करेंगे।
ममता बनर्जी ने इस बर्खास्तगी को लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला बताया है और वह इस फैसले के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ने के साथ-साथ राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन की योजना बना रही हैं।
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