हिंडन नदी किनारे बसी 258 अवैध कॉलोनियों पर चलेगा बुलडोजर

हिंडन नदी किनारे बसी 258 अवैध कॉलोनियों पर चलेगा बुलडोजर

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) की सख्ती के बाद यूपी सरकार ने हिंडन नदी किनारे बसी 258 अवैध कॉलोनियों को चिन्हित किया है। गाजियाबाद जिला प्रशासन इन अवैध निर्माणों को हटाने के लिए बड़े स्तर पर बुलडोजर चलाने की तैयारी में है

गाज़ियाबाद। हिंडन नदी के किनारों और डूब क्षेत्र में अवैध रूप से बसी कॉलोनियों पर बहुत जल्द उत्तर प्रदेश सरकार का बुलडोजर गरजने वाला है।

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के कड़े रुख के बाद, उत्तर प्रदेश शासन द्वारा कोर्ट में दाखिल किए गए एक हलफनामे में यह खुलासा हुआ है कि अकेले गाजियाबाद जिले में हिंडन नदी के किनारे 258 कॉलोनियां पूर्ण रूप से अवैध हैं।

इन कॉलोनियों को चिन्हित किए जाने के बाद, गाजियाबाद के जिला मजिस्ट्रेट (DM) ने सिंचाई विभाग, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA), राजस्व विभाग और नगर निगम को एक संयुक्त अभियान चलाकर नदी क्षेत्र से हर प्रकार के अतिक्रमण को हटाने का कड़ा निर्देश जारी कर दिया है।

यह पूरा मामला हिंडन नदी में बढ़ रहे प्रदूषण और इसके प्राकृतिक प्रवाह को रोकने वाले अवैध कब्जों से जुड़ा है। पर्यावरणविद् अभिष्ट कुसुम गुप्ता द्वारा एनजीटी में दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी थी।

इसके जवाब में उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव द्वारा सौंपे गए हलफनामे के अनुसार, हिंडन नदी के बेसिन में कुल 888 अवैध कॉलोनियां चिन्हित की गई हैं, जो 6 अलग-अलग जिलों में फैली हैं। इनमें से सबसे गंभीर स्थिति गाजियाबाद की है, जहां 258 कॉलोनियां सीधे तौर पर नदी के पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रही हैं।

NGT में पेश किए गए आंकड़े: इन 258 अवैध कॉलोनियों में करीब 3.8 लाख से अधिक की आबादी रहती है। चूंकि ये कॉलोनियां बिना किसी मास्टर प्लान या ड्रेनेज सिस्टम के बनाई गई हैं, इसलिए इनका रोजाना लाखों लीटर अनुपचारित सीवेज (Untreated Sewage) सीधे हिंडन नदी में गिर रहा है, जिससे नदी पूरी तरह से प्रदूषित हो चुकी है।

गाजियाबाद के जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि नदी के डूब क्षेत्र (डूब क्षेत्र भूमि) में किसी भी प्रकार का पक्का या कच्चा अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी मेहनत की कमाई को भू-माफियाओं के चक्कर में आकर न गंवाएं।

GDA के मुताबिक, डूब क्षेत्र या अधिसूचित क्षेत्र में बिना नक्शा पास कराए बनाए गए किसी भी घर या बाउंड्री वॉल को कानूनी संरक्षण नहीं मिलेगा। कोई भी प्लॉट खरीदने से पहले संबंधित विकास प्राधिकरण के दफ्तर जाकर उसकी वैधता की जांच अवश्य कर लें।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन लोगों ने नोटिस मिलने के बावजूद अपने अवैध निर्माण नहीं हटाए हैं, वहां बिना किसी देरी के भारी पुलिस बल की मौजूदगी में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की जाएगी।


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Raja Zaid

"राजा ज़ैद एक जाने-माने पत्रकार हैं। उन्हें देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ राजनीति और सामायिक विषयो की कवरेज का 15 वर्षो से अधिक का अनुभव है।