“आंदोलन में हूँ, राजनीति में नहीं”: ध्रुव राठी ने पार्टी मेंबर होने के दावों को नकारा
नई दिल्ली: ध्रुव राठी ने साफ किया है कि वे किसी राजनीतिक दल या सीजेपी से जुड़े बिना, सिर्फ एक स्वतंत्र नागरिक के तौर पर इस आंदोलन का हिस्सा बन रहे है। उनका मानना है कि वोटर लिस्ट में गड़बड़ियों (SIR) और संवैधानिक संस्थाओं की आज़ादी का मुद्दा बेहद गंभीर है।
राठी ने ज़ोर देकर कहा कि देश के इन ज़रूरी मुद्दों पर अब केवल वीडियो बनाने के बजाय, उन्हें खुद ज़मीन पर उतरकर विरोध प्रदर्शन में शामिल होना चाहिए।
तो यह उनकी राजनीतिक भूमिका है और अदालत को भी इस मामले को संज्ञान में लेते हुए यह समझना चाहिए कि देश की संस्थाओं के पास कितनी स्वतंत्रता और अधिकार हैं, क्योंकि लंबे समय से मीडिया, न्यायपालिका और चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं पर दबाव होने के आरोप लगते रहे हैं और पुलिस भी इस दबाव से अछूती नहीं है।
24 घंटे की हिरासत का अनुभव
उन्होंने कहा कि इस गंभीर विषय पर अलग-अलग दिन अलग-अलग दलों के प्रदर्शन करने के बजाय सभी को मिलकर संयुक्त रूप से विरोध करना चाहिए ताकि प्रभावी दबाव बनाया जा सके और वह आगे होने वाले प्रदर्शन में शामिल होने की संभावना पर भी विचार कर रहे हैं।
इसे भी पढ़ें: गुजरात निकाय चुनाव: शहरी इलाकों में बीजेपी की ‘प्रचंड’ बढ़त, सेमीफाइनल में विपक्ष पस्त
इसके अलावा, उन्होंने हिरासत में अपने 24 घंटे के अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि पुलिसकर्मियों ने उन्हें अपने कामकाज और दबाव के बारे में बताया, जिससे उन्हें यह महसूस हुआ कि वह तो केवल एक दिन के लिए कैदी थे, लेकिन पुलिसकर्मी अपनी पूरी नौकरी के दौरान कैदियों की तरह जीवन जीते हैं, और पुलिसकर्मियों पर काम के बोझ तथा उनकी परिस्थितियों को देखकर उन्हें उनके प्रति गहरी सहानुभूति महसूस हुई।
नागरिक अधिकारों के लिए संवाद
यूट्यूबर ध्रुव राठी आरोप लगाया है कि उनके घर के बाहर लगभग 50 लोग चौबीसों घंटे उन पर कड़ी निगरानी रख रहे हैं और उनकी तस्वीरें खींच रहे हैं। उनका दावा है कि उन्हें गुप्त रूप से धमकी मिली है कि यदि वे विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए तो उन्हें तुरंत हिरासत में ले लिया जाएगा। राठी ने स्पष्ट किया कि यद्यपि वे इस आंदोलन का हिस्सा बनना चाहते हैं, लेकिन इन पाबंदियों के कारण अभी उनकी कोई निश्चित योजना नहीं है।
इस मुद्दे पर उन्होंने खुद आगे बढ़कर सीजेपी संयोजक अभिजीत दीपके से फोन पर बात की थी जिन्होंने उन्हें पहले बेंगलूर जाकर अभिनेता प्रकाश राज के कार्यक्रम में शामिल होने का सुझाव दिया ताकि वे मतदाता सूचि से हटाए गए नागरिकों की समस्याओं को करीब से समझ सकें। राठी ने एक बार फिर दोहराया कि वे किसी राजनीतिक दल के कार्यकर्ता के रूप में नहीं, बल्कि एक जागरूक नागरिक के तौर पर इस मुद्दे को उठा रहे हैं।
Discover more from
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
