ज्ञानेश कुमार के बचाव में केंद्र सरकार पर बरसे दीपके; कहा जनता के खिलाफ खड़ी है सत्ता
नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार पर आम जनता के हितो के खिलाफ काम करने का गंभीर आरोप लगाया है। सोमवार को दिए अपने बयान में उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की चौतरफा मांग उठ रही है, लेकिन सरकार उन्हें संरक्षण देने के लिए देश के नागरिकों के अधिकारों को ही दबाने में जुटी है।
यह राजनीतिक टिप्पणी करने से पहले, दीपके रविवार देर रात महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में स्थित अपने पैतृक गांव ‘संतुक पिंपरी’ पहुंचे थे, जहाँ उन्होंने अपनी दिवंगत दादी के अंतिम संस्कार वाले स्थान पर जाकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
सीजेपी नेताओं की रिहाई और CEC पर विपक्ष का हमला
शनिवार को जंतर-मंतर पर होने वाले विरोध प्रदर्शन से पहले दिल्ली एयरपोर्ट पर एहतियातन हिरासत में लिए गए सीजेपी (CJP) नेता अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को अदालत ने अगले एक साल तक शांति व्यवस्था बनाए रखने की शर्त पर 50-50 हजार रुपये के मुचलके पर रविवार को रिहा कर दिया।
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रिहाई के बाद अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस युवाओं, पत्रकारों और सांसदों तक पर हमले कर रही है। इसके साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए इतने महत्वपूर्ण क्यों हैं कि प्रशासन उन्हें बचाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है।
मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर सीजेपी अरु विपक्ष अब सीधे मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे पर अड़ गए है। उनका कहना है कि विशेष गहन संसोधन के नाम पर जानबूझकर लाखो असली वोटर्स के नाम काटे गए हैं, जिससे चुनावी निष्पक्षता पूरी तरह खत्म हो गई है। इसी धांधली के खिलाफ और चुनावी पारदर्शिता बहाल करने के लिए ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग लगातार तेज हो रही है।
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