उमर-शरजील की लंबी कैद पर बोले इमरान मसूद, न्यायिक व्यवस्था पर उठाए सवाल

उमर-शरजील की लंबी कैद पर बोले इमरान मसूद, न्यायिक व्यवस्था पर उठाए सवाल

उत्तर प्रदेश: सहारनपुर में मीडिया से मुखातिब होते हुए कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने उमर खालिद और शरजील इमाम की लंबे वक्त से चल रही जेल कस्टडी पर कड़ा रुख अख्तियार किया है। उन्होंने न्यायिक व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस मामले में साफ तौर पर इंसाफ होना चाहिए।

उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से इस मामले का संज्ञान लेने की अपील करते हुए कहा कि पाँच साल का लंबा समय बीत जाने के बाद भी न तो अब तक आरोपियों का ट्रायल शुरू हो सका है और न ही जांच एजेंसियां अपनी चार्जशीट को अंतिम रूप दे पाई हैं, जो कि बेहद चिंताजनक है।

सांसद ने साफ किया कि वे किसी को भी बेगुनाह होने का सर्टिफिकेट नहीं दे रहे हैं, बल्कि उनकी मांग सिर्फ एक निष्पक्ष और तय समय के भीतर होने वाली कानूनी प्रक्रिया को लेकर है।

अदालतों के अधिकार पर इमरान मसूद का जोर

उन्होंने कहा कि कोई व्यक्ति गुनहगार है या नहीं, इसका अंतिम फैसला करने का अधिकार सिर्फ देश की अदालतों को है। लेकिन अगर बिना किसी मुकदमे के लोगों को सालों तक सलाखों के पीछे बंद रखा जाएगा, तो आम जनता का सिस्टम से भरोसा उठने लगेगा और लोग लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सवाल खड़े करने को मजबूर हो जाएंगे।

मसूद ने मानवाधिकारों की दुहाई देते हुए कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक देश में कानून का राज सबसे ऊपर होता है। यदि किसी पर भी कोई आरोप लगे हैं, तो अदालत में उसका समयबद्ध तरीके से ट्रायल चलाया जाना चाहिए।

इस तरह बिना सुनवाई के लंबी कैद से न सिर्फ आरोपियों के अधिकारों का हनन होता है, बल्कि न्यायपालिका की कार्यप्रणाली पर भी उंगलियां उठती हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि ऐसे मामलों में तेजी से इंसाफ सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं।


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Muskan Asif

मुस्कान आसिफ़ (ZH7TV) एक अनुभवी और रचनात्मक कंटेंट, डायनेमिक डिजिटल एडिटोरियल प्रोफेशनल पत्रकार हैं। जो बड़ी और असरदार खबरों का सटीक विश्लेषण करने में माहिर हैं। वे अपने नेटवर्क की पहुँच बढ़ाने के लिए बेहद आकर्षक वीडियो, टेक्स्ट और इंटरैक्टिव डिजिटल कंटेंट तैयार करती हैं।