ममता बनर्जी का बड़ा आरोप: CJP नेताओं की हिरासत बढ़ाना ‘सरकारी आतंकवाद’
नई दिल्ली: पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सीजेपी नेताओ आशुतोष रांका और सौरव दास की हिरासत अवधि बढ़ाए जाने का कड़ा विरोध करते हुए उनकी तत्काल रिहाई की मांग की है। सोशल मीडिया पर ममता बनर्जी ने जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन से जुडी इस क़ानूनी कार्यवाई को ‘सरकारी आतंकवाद’ करार दिया।
उन्होंने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि युवाओ की आवाज को दबाने और लोकतांत्रिक ताने-बाने को चोट पहुंचाने के इरादे से ही विपक्षी नेताओं को जेल में रखा जा रहा है।
दो दिन और बढ़ी कस्टडी
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जंतर-मंतर पर बिना अनुमति प्रवेश के मामले में आशुतोष रांका और सौरव दास की न्यायिक हिरासत दो दिन और बढ़ाए जाने पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे ‘स्टेट-स्पॉन्सर्ड’ आतंकवाद और पुलिस द्वारा प्रायोजित अत्याचार करार दिया है और कहा है कि जेन जी को प्रताड़ित करने वाले सत्ताधीशों के ये कदम लंबे समय तक नहीं टिकेंगे तथा पक्के इरादे से लोकतंत्र बचाने की इस लड़ाई में अंततः जनता की जीत होगी।
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यह टिप्पणी तब आई जब पांच दिन की रिward अवधि समाप्त होने पर दोनों नेताओं को मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन में स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (एसईएम) के समक्ष पेश किया गया, जहाँ सीजेपी की कानूनी प्रमुख रत्ना सिंह ने पुलिस की मांग पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि अभियोजन पक्ष के पास हिरासत बढ़ाने के समर्थन में कोई ठोस कानूनी दलील नहीं थी और यह केवल अदालत के समय की बर्बादी है।
सीजेपी की क़ानूनी प्रमुख रत्ना सिंह ने इस अदालती कार्यवाही को समय की बर्बादी बताते हुए दोनों नेताओ की तुरंत रिहाई की मांग की है। 14 अक्टूबर को आशुतोष और सौरव को जंतर-मंतर पर बिना इजाजत घुसने के आरोप में पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। असल में, प्रशासन अब जंतर-मंतर को प्रदर्शनों के लिए आधिकारिक जगह नहीं मानता है, इसी नियम को आधार बनाकर पुलिस ने यह एक्शन लिया है जिसे पार्टी पूरी तरह गलत बता रही है।
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