ममता का दावा: टीएमसी के 20 बागी सांसदों की सदस्यता जाना तय

ममता का दावा: टीएमसी के 20 बागी सांसदों की सदस्यता जाना तय

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में करारी हार और फिर पार्टी में बगावत के बाद चुप रहीं टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने बागियों पर बड़ा बयान दिया है।ममता बनर्जी ने कहा कि एनसीपीआई (NCPI) में शामिल हुए तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसदों को आधिकारिक तौर पर अयोग्य (डिसक्वालिफाई) घोषित होने में अब बस कुछ ही समय बचा है।

यह बयान लोकसभा सचिवालय द्वारा बागी सांसदों को नोटिस भेजने के कुछ दिन बाद आया है। टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी ने एक अर्जी देकर इन सांसदों को दलबदल कानून के तहत अयोग्य घोषित करने की मांग की थी। सचिवालय ने इस पर सभी बागी सांसदों से सात दिनों के भीतर जवाब मांगा है।

पहले ही मिल गया था सिग्नल

टीएमसी की स्टूडेंट विंग तृणमूल छात्र परिषद (TMCP) के स्थापना दिवस के मौके पर कोलकाता में एक रैली को संबोधित करते हुए पूर्व सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि कि हमें पहले ही सिग्नल मिल गया है।

अब बस समय की बात है। इस बीच, आप (बागी एमपी) कुछ दिनों तक दूध-चावल और मछली खाइए। ममता की पार्टी के साथ-साथ बागी टीएमसी गुट ने भी TMCP के स्थापना दिवस पर मेयो रोड पर एक रैली करने के लिए अप्लाई किया था।

कलकत्ता हाई कोर्ट ने ममता गुट को कैथेड्रल रोड पर और बागी गुट को रानी रश्मोनी रोड पर रैली करने का निर्देश दिया।

टीएमसी के बागी सांसद

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 बागी सांसदों में सुदीप बंदोपाध्याय, काकोली घोष दस्तीदार, शताब्दी रॉय, सायोनी घोष और यूसुफ पठान जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं। इन सांसदों ने जून 2026 में ममता बनर्जी की पार्टी से बगावत कर दी थी।

उन्होंने ‘नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया’ (NCPI) में शामिल होने और एनडीए (NDA) को समर्थन देने का दावा किया है। इस बगावत पर टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी ने कड़ा रुख अपनाते हुए बागियों को वापस पार्टी     में न लेने का ऐलान किया है।

बागी सांसदों के नाम और शिवसेना से तुलना

टीएमसी के बागी गुट में सुदीप बंदोपाध्याय, काकोली घोष दस्तीदार, शताब्दी रॉय, सायोनी घोष, यूसुफ पठान, प्रसून बनर्जी, रचना बनर्जी, जगदीश चंद्र वर्मा बसुनिया, पार्थ भौमिक, अरूप चक्रवर्ती, दीपक अधिकारी (देव), बापी हवलदार, मोहम्मद ताहिर खान, कालीपद सोरेन, असीत कुमार माल, जून मालिया, मिताली बाग, खलीलुर रहमान, माला राय और शर्मिला सरकार शामिल हैं।

इससे पहले उद्धव ठाकरे की शिवसेना के छह सांसद टूटकर एकनाथ शिंदे के साथ चले गए थे, जिन्हें स्पीकर ने मंजूरी दे दी थी। लेकिन टीएमसी के इन 20 बागी सांसदों का अभी तक किसी दूसरी पार्टी में कानूनी रूप से विलय (मर्जर) नहीं हुआ है, जिससे इनकी सदस्यता जाने का खतरा बढ़ गया है।

बाबुल सुप्रियो का बयान

इस विवाद पर टीएमसी नेता बाबुल सुप्रियो ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि पार्टी छोड़कर जाने वाले लोग यह न भूलें कि वे टीएमसी के दम पर ही चुनाव जीते थे। अगर उन्हें कोई शिकायत थी, तो उन्हें पहले सांसद पद से इस्तीफा देना चाहिए था और फिर से चुनाव लड़कर अपनी ताकत दिखानी चाहिए थी।


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Muskan Asif

मुस्कान आसिफ़ (ZH7TV) एक अनुभवी और रचनात्मक कंटेंट, डायनेमिक डिजिटल एडिटोरियल प्रोफेशनल पत्रकार हैं। जो बड़ी और असरदार खबरों का सटीक विश्लेषण करने में माहिर हैं। वे अपने नेटवर्क की पहुँच बढ़ाने के लिए बेहद आकर्षक वीडियो, टेक्स्ट और इंटरैक्टिव डिजिटल कंटेंट तैयार करती हैं।