नंदीग्राम उपचुनाव: ममता के फैसले पर टीएमसी सांसद सायोनी घोष का बड़ा बयान
नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम उपचुनाव में ममता बनर्जी द्वारा कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने पर टीएमसी सांसद सायोनी घोष का बड़ा बयान आया है।
सांसद सायोनी घोष ने इसे दोनों पार्टियों के बीच का एक आपसी राजनीतिक फैसला बताते हुए संवैधानिक अधिकारों की बात कही।
इसके साथ ही, उन्होंने उम्मीद जताई है कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बीच आने वाले समय में और बेहतर तालमेल देखने को मिलेगा।
नंदीग्राम उपचुनाव में सियासी पारा हाई
नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव से ठीक पहले पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद सायोनी घोष ने ममता बनर्जी गुट द्वारा कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन दिए जाने के फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत चुनाव से पहले कोई भी राजनीतिक दल अपने स्तर पर गठबंधन या समर्थन से जुड़े अलग-अलग रणनीतिक फैसले लेने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र है।
उन्होंने संकेत दिया कि ऐसे मामलों में संबंधित पक्ष चुनाव आयोग या अदालत का दरवाजा भी खटखटा सकते हैं।घोष ने कहा कि चुनावी राजनीति में अंतिम समय तक कई तरह के निर्णय और राजनीतिक कदम सामने आ सकते हैं।
उनके मुताबिक कांग्रेस तृणमूल कांग्रेस या भाजपा सभी को लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकारों का इस्तेमाल करने की आजादी है।
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नंदीग्राम सीट पर टीएमसी उम्मीदवार संचिता प्रधान के हटने के बाद कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान को समर्थन देने पर टीएमसी नेता सायोनी घोष ने प्रतिक्रिया दी है।
उन्होंने कहा कि मिलन प्रधान के खिलाफ लंबित मामलों और कानूनी कदमों पर संबंधित संस्थाएं नियमों के तहत कार्रवाई कर रही हैं और यह सब चुनावी प्रक्रिया का ही हिस्सा है। बंगाल की इस हाई-प्रोफाइल सीट पर इन घटनाक्रमों के बाद सियासी सरगर्मी काफी तेज हो गई है।
टीएमसी सांसद सायोनी घोष का बयान
संसद सायोनी घोष ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को लेकर भी महत्वपूर्ण टिप्पणी की। उन्होंने उम्मीद जताई कि राहुल गांधी की अगुवाई में कांग्रेस और टीएमसी मिलकर काम करेंगे।
सायोनी घोष का मानना है कि अगर दोनों पार्टियां एकजुट होकर आगे बढ़ती हैं तो इससे उनके गठबंधन की मजबूती और आपसी भरोसे का एक बड़ा संदेश पूरे देश में जाएगा।
पश्चिम बंगाल में कांग्रेस और टीएमसी के संबंधों को लेकर यह बयान ऐसे समय आया है जब राज्य की राजनीति में दलों के बीच समीकरण लगातार बदल रहे हैं।
तृणमूल कांग्रेस TMC के भीतर चल रहे अंदरूनी संगठनात्मक विवाद और पार्टी की चुनावी पहचान पर चुनाव आयोग की हालिया सख्त कार्रवाई ने पश्चिम बंगाल के राजनीतिक माहौल को पूरी तरह गरमा दिया है। इन हालिया घटनाओं की वजह से पार्टी के भीतर और बाहर सियासी हलचल बहुत ज्यादा तेज हो गई है।
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