नया दलित चेहरा: रोहिणी घावरी की यूपी की राजनीति में एंट्री
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की दलित राजीनति में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले एक नया राजनीतिक मोर्चा बनता नज़र आ रहा है।
स्विट्जरलैंड से लौटने के बाद रोहिणी घावरी प्रदेश की राजनीति में सक्रिय होने की तैयारी में हैं। उनका मुख्य कारण वाल्मीकि समाज को एकजुट करने और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की उन 21 विधानसभा सीटों पर है जहां मतदाताओं कि भूमिका अहम मई जाती है।
आजाद समाज पार्टी कांशीराम आजाद समाज पार्टी कांशीराम के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना उत्तर प्रदेश से लोकसभा सांसद चंद्रशेखर आज़ाद का इन इलाकों में काफी अच्छा राजनीतिक और सामाजिक दबदबा माना जाता है।
रोहिणी इन इलाकों में जाकर लोगों को जागरूक करने और एक बड़ा आंदोलन शुरू करने की तैयारी कर रही हैं। वे वाल्मीकि समाज के राजनीतिक अधिकारों और हिस्सेदारी के लिए आवाज़ उठा रही हैं।
रोहिणी का मिशन 21
उनकी नजर आगरा कैंट, एत्मादपुर, जसराना, फिरोजाबाद, मेरठ कैंट, मेरठ शहर, गाजियाबाद, लोनी, लखनऊ की मध्य, उत्तर और पश्चिम विधानसभा सीटों के अलावा सीसामऊ, आर्यनगर, किदवईनगर, अलीगढ़ और खैर समेत 21 सीटों पर है। इन सीटों पर वह जाटव और वाल्मीकि समाज के राजनीतिक प्रतिनिधित्व का सवाल उठाने की तैयारी में हैं।
रोहिणी 13 सितंबर को मेरठ और 14-15 सितंबर को लखनऊ में वाल्मीकि समाज से मिलेंगी। इस बीच उनकी सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात हो सकती है।
रोहिणी का दावा है कि चंद्रशेखर आज़ाद के खिलाफ उन्हें अखिलेश का समर्थन मिला है। अगर सपा उन्हें चुनाव लड़ाती है तो पश्चिमी यूपी का दलित समीकरण बदल सकता है।
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रोहिणी ने सांसद चंद्रशेखर आज़ाद चंद्रशेखर आज़ाद पर शादी का वादा करके धोखा देने और शोषण करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उन्होंने चंद्रशेखर की पैसों से भी मदद की थी लेकिन सांसद बनने के बाद उन्होंने रोहिणी से बातचीत बंद कर दी ।
रोहिणी का यह भी आरोप है कि वे वाल्मीकि समाज से हैं इसीलिए पुलिस ने उनकी शिकायत पर कोई FIR दर्ज नहीं की। हालांकि इस मामले में अभी चंद्रशेखर या उनकी पार्टी का कोई बयान सामने नहीं आया है।
2027 का नया दलित समीकरण
दलित राजनीति में अब तक जाटव समाज के वोटरों का सबसे ज्यादा असर रहा है। ऐसे में अब वाल्मीकि समाज को एक अलग और मजबूत राजनीतिक ताकत के रूप में इकट्ठा करने की कोशिश की जा रही है।
अगर यह कोशिश कामयाब होती है तो 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में पश्चिमी यूपी की कई सीटों पर जीत-हार का पूरा गणित बदल सकता है।
इसके साथ ही रोहिणी सिर्फ अपने समाज की नहीं बल्कि सभी समाजों सर्वसमाज को साथ लेकर आगे बढ़ने की बात कह रही हैं ताकि एक बड़ा समर्थन हासिल किया जा सके।
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