अग्निवीरों का कार्यकाल बढ़ाने पर बिफरा विपक्ष, मनोज झा ने सरकार की मंशा पर उठाए सवाल
नई दिल्ली: अग्निवीरों की नौकरी की अवधि चार साल से बढ़ाकर छह साल करने की सरकारी फैसले पर विपक्ष ने तीखा हमला बोला है। विपक्षी नेताओ का आरोप है कि मोदी सरकार का यह कदम युवाओ के भविष्य के साथ खिलवाड़ है और इससे सेना की ताकत व् वीरता प्रभावित होगी।
नेताओ ने सरकार के इस फैसले को दीवाली का तोहफा मानने से इनकार करते हुए इसे सिर्फ एक चुनावी छलावा और अपनी पुरानी कमियों को छिपाने की कोशिश करार दिया है।
पटना में राजद सांसद मनोज झा ने आरोप लगाया कि पंजाब और उत्तराखंड में चुनाव को देखते हुए यह फैसला लिया गया है और चार से छह साल का यह ‘पेड इंटर्नशिप प्रोग्राम’ भारतीय सेना की वीरता को कमजोर करता है, जिसका कोई भी समझदार व्यक्ति समर्थन नहीं कर सकता।
दो साल का एक्सटेंशन कोई दिवाली तोहफा नहीं
वहीं, रांची में कांग्रेस प्रवक्ता राकेश सिन्हा ने इसे ‘दीपावली की सौगात’ बताए जाने पर केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि दो साल का एक्सटेंशन कोई तोहफा नहीं है क्योंकि देश के लिए जान कुर्बान करने वाले सैनिकों को लाभ के नाम पर शून्य मिल रहा है और सरकार सिर्फ लीपापोती कर रही है।
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लखनऊ में कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने भी इसे युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ और अक्षम्य अपराध करार देते हुए कहा कि 17 साल की उम्र में सेना में जाने वाला बच्चा अब चार के बजाय छह साल यानी 23 साल की उम्र में रिटायर होकर बहुराष्ट्रीय कंपनियों या धन्ना सेठों की सिक्योरिटी एजेंसियों में गार्ड बनने को मजबूर होगा, जबकि सुरक्षा की गारंटी के बिना सैनिक देश के लिए जान की बाजी कैसे लगा सकता है।
झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता मनोज पांडेय ने अग्निवीरों का सेवाकाल दो साल बढ़ाने के फैसले को महज एक चुनावी जुमला करार दिया है। उनका कहना है कि सरकार ने नौकरी को स्थाई नहीं किया है, बल्कि सिर्फ समय सीमा बढ़ाई है जिससे युवाओ को कोई खास फायदा नहीं होगा। झामुमो नेता ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश के आगामी चुनावो को देखते हुए हार के डर से केंद्र सरकार युवाओ को गुमराह करने और उन्हें प्रलोभन देने के लिए ऐसे कदम उठा रही है।
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