चुनाव आयोग पर विपक्ष की घेराबंदी; राहुल और ममता के साथ जुटे बड़े नेता
नई दिल्ली: विपक्षी दलों के ‘इंडिया’ गठबंधन की दिल्ली में एक महत्वपूर्ण बैठक शुरू हो गई है, जिसमें देश के कई बड़े विपक्षी नेता एक मंच पर आए हैं।
कांग्रेस की अगुवाई में हो रही इस बैठक में तृणमूल कांग्रेस की ममता बनर्जी, नेशनल कॉन्फ्रेंस के उमर अब्दुल्ला, राजद के तेजस्वी यादव और वामपंथी दलों के प्रमुख नेता शामिल हुए हैं।
इस बैठक का सबसे मुख्य एजेंडा चुनाव आयोग द्वारा की जा रही वोटर लिस्ट की विशेष जांच प्रक्रिया पर चर्चा करना है।
इसके साथ ही विपक्षी नेता चुनाव आयोग के कामकाज के तौर-तरीकों को लेकर अपनी साझा चिंताओं पर सरकार को घेरने की आगे की रणनीति तैयार कर रहे हैं।
आप और द्रमुक समेत कई दलों ने बनाई दूरी
इस बैठक में लगभग 23 सहयोगी दलों के शामिल होने की संभावना है, हालांकि कुछ दलों ने इससे दूरी भी बनाई है। आम आदमी पार्टी (आप) ने स्पष्ट किया है कि वह इस गठबंधन का हिस्सा न होने के कारण बैठक में शामिल नहीं होगी, लेकिन वह संसद में विपक्षी मांगों का समर्थन करेगी।
वहीं, तमिलनाडु चुनावों के बाद कांग्रेस से उपजे मतभेदों के चलते द्रमुक (DMK) ने भी इस बैठक का बहिष्कार किया है। इसके अलावा, बीजू जनता दल (बीजद) और अभिनेता विजय की नई पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कझगम’ (टीवीके) भी इस बैठक का हिस्सा नहीं बन रही हैं।
बैठक में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और एसआईआर प्रक्रिया को लेकर रणनीति बनाई जा रही है। कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि सत्ता में बने रहने के लिए चुनाव आयोग के जरिए वोट चोरी करने की योजना बनाई जा रही है।
वहीं, माकपा सांसद जॉन ब्रिटास ने भाजपा का मुकाबला करने के लिए विपक्षी दलों के बीच व्यापक एकजुटता पर जोर दिया।
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विपक्षी के आरोपों पर सत्तारूढ़ भाजपा ने कड़ा जवाब दिया है। भाजपा सांसद भोला सिंह ने इन दावों को गलत बताते हुए कहा कि विपक्ष केवल सत्ता पाने के लिए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता से डरकर ऐसे आरोप लगा रहा है।
उनका कहना है कि अगर चुनाव आयोग में कोई गड़बड़ी होती, तो कांग्रेस हिमाचल प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक में अपनी सरकार नहीं बना पाती।
शिवराज सिंह चौहान का इंडिया गठबंधन पर निशाना
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को कहा कि ‘इंडिया’ गठबंधन कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में काम करने को तैयार नहीं है।
विपक्षी गठबंधन द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ रणनीति तैयार करने के लिए बुलाई गई बैठक पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने यह बात कही।
भाजपा नेता चौहान ने तंज कसते हुए कहा कि विपक्षी गठबंधन बैठक से पहले ही टूट चुका है। उन्होंने ध्यान दिलाया कि समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव इस बैठक में नहीं आ रहे हैं और उद्धव ठाकरे भी सिर्फ ऑनलाइन जुड़ रहे हैं।
चौहान ने आगे कहा कि गठबंधन के दल राहुल गांधी को अपना नेता नहीं मानते हैं, और जब उनकी खुद की पार्टी ही उन्हें पूरी तरह स्वीकार नहीं करती, तो पूरा देश उन्हें अपना नेता कैसे मान सकता हैं।
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