फॉर्म 6 पर चुनाव आयोग का बड़ा फैसला, नए वोटरों को मिली बड़ी राहत

फॉर्म 6 पर चुनाव आयोग का बड़ा फैसला, नए वोटरों को मिली बड़ी राहत

नई दिल्ली: भारतीय चुनाव आयोग ECI ने नए मतदाताओं के लिए फॉर्म 6 से पूर्वजों की जानकारी से जुड़ा अतिरिक्त नियम हटा दिया है।

अब जिन राज्यों में विशेष गहन पुनरीक्षण SIR का काम पूरा हो चुका है वहां नया वोटर आईडी कार्ड बनवाने के लिए लोगो को अपने माता पिता या पूर्वजों से जुड़े दस्तावेज और घोषणाएं देने की जरूरत नहीं होगी।

चुनाव आयुक्तों के विरोध के बाद फॉर्म 6 से हटा नया नियम

चुनाव आयोग ने यह कदम दोनों चुनाव आयुक्तों द्वारा फॉर्म 6 में नए नियम जोड़े जाने पर आपत्ति जताने के बाद उठाया है, जिससे आम जनता को बड़ी राहत मिली है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयोग के तीन सदस्यों में से दो ने वोटर फॉर्म 6 (Form 6) में किए गए बदलावों का कड़ा विरोध किया था।

चुनाव आयुक्त विवेक जोशी ने साफ कहा था कि कानून ‘रजिस्ट्रेशन ऑफ इलेक्टर्स रूल्स, 1960’ में आधिकारिक तौर पर बदलाव किए बिना फॉर्म 6 के नियमों में कोई भी नया संशोधन नहीं किया जा सकता।

उनके इस तर्क से दूसरे चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू ने भी पूरी सहमति जताई थी। इस गंभीर मतभेद वाले मुद्दे पर 26 सितंबर को तीनों चुनाव आयुक्तों की एक विशेष बैठक में भी विस्तार से चर्चा हुई थी।

मीडिया रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि चुनाव आयुक्त विवेक जोशी और सुखबीर सिंह संधू ने पिछले 10 महीने में 14 बार चुनाव आयोग से संबंधित मामलों में अपनी आपत्ति जताई थी।

इनमें Form 6 और ECINET का मुद्दा भी शामिल था। हालांकि 26 सिंतबर को फुल कमीशन की बैठक के बाद जारी प्रेस रिलीज में इसे यह कहते खारिज कर दिया गया था कि मुद्दा कर्मचारी से संबंधित था।

‘गैर कानूनी’ नियम हटाने की मांग

चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू ने फॉर्म 6 में ‘गैर कानूनी’ तरीके से जोड़े गए ‘SIR डिक्लेरेशन’ को हटाने की मांग की थी। चुनाव आयोग की पूरी टीम द्वारा यह तय किए जाने के बाद नया नियम हटाया गया कि यह जरूरत केवल विशेष गहन पुनरीक्षण SIR प्रक्रिया के दौरान ही रहेगी।

FORM 6 के इस नियम के तहत नए आवेदकों को खुद या अपने माता पिता और बुजुर्गों को पिछली वोटर लिस्ट से जोड़ने वाली जानकारी देनी होती थी।

यह घोषणापत्र अभी भी उन राज्यों के पोर्टल पर उपलब्ध रहेगा जहां विशेष गहन पुनरीक्षण SIR चल रहा है। हलाकि चुनाव आयोग ने 26 सितंबर को साफ किया कि फॉर्म 6 में कोई स्थायी बदलाव नहीं हुआ है बल्कि यह केवल SIR के लिए एक अतिरिक्त जरूरत थी।

सुप्रीम कोर्ट ने भी इसे सही ठराया था और प्रतिकिर्या पूरा होने के बाद FORM 6 को पहले जैसा बहाल कर दिया जाएगा।


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Muskan Asif

मुस्कान आसिफ़ (ZH7TV) एक अनुभवी और रचनात्मक कंटेंट, डायनेमिक डिजिटल एडिटोरियल प्रोफेशनल पत्रकार हैं। जो बड़ी और असरदार खबरों का सटीक विश्लेषण करने में माहिर हैं। वे अपने नेटवर्क की पहुँच बढ़ाने के लिए बेहद आकर्षक वीडियो, टेक्स्ट और इंटरैक्टिव डिजिटल कंटेंट तैयार करती हैं।