गुवाहाटी हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीमकोर्ट जायेंगे पवन खेड़ा
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा अब गुवाहाटी हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे। यह कदम कल गुवाहाटी हाईकोर्ट द्वारा उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद उठाया जा रहा है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर इस बात की पुष्टि की है कि पार्टी इस कानूनी लड़ाई को शीर्ष अदालत तक ले जाएगी।
हाईकोर्ट के जस्टिस पार्थिव ज्योति सैकिया की बेंच ने याचिका खारिज करते हुए टिप्पणी की थी कि यह मामला केवल मानहानि तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें जालसाजी के संकेत भी मिलते हैं। कोर्ट का मानना था कि मामले की गहराई से जांच के लिए पुलिस को हिरासत में पूछताछ की आवश्यकता हो सकती है।
बता दें कि यह पूरा विवाद असम के मुख्यमंत्री की पत्नी द्वारा दर्ज कराई गई एक FIR से जुड़ा है, जिसमें पवन खेड़ा पर प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पासपोर्ट और बेनामी संपत्तियों को लेकर गलत आरोप लगाने की बात कही गई है।
इसे भी पढ़ें: अभिषेक बनर्जी के खिलाफ एक के बाद एक शिकायत पर हाई कोर्ट ने लगाई फटकार
कांग्रेस ने इस अदालती फैसले को राजनीति से प्रेरित बताया है और पार्टी का कहना है कि वे न्याय के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा रहे हैं। इससे पहले भी इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दखल दिया था, जिसने खेड़ा को संबंधित हाईकोर्ट में अपनी बात रखने का निर्देश दिया था। अब एक बार फिर यह मामला दिल्ली स्थित उच्चतम न्यायालय के गलियारों में पहुंचेगा।
जयराम रमेश ने सोशल साइट X पर पोस्ट किया, “री भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस अपने मीडिया और प्रचार विभाग के अध्यक्ष पवन खेड़ा (@Pawankhera)के साथ पूरी मजबूती से एकजुट खड़ी है। गुवाहाटी हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की प्रक्रिया चल रही है। हमें विश्वास है कि धमकी, डराने-धमकाने, और उत्पीड़न की राजनीति पर न्याय की जीत होगी।”
Discover more from
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
